रेत खेत योजना के तहत हुए खनन पट्टों में मानकों की अनदेखी कर खनन करने की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। आरोप है कि आवंटित भूखंड की बजाय काश्तकार ई-टेंडर वाले क्षेत्र में खनन कराकर राजस्व की चोरी कर रहे हैं। इससे विवाद भी बढ़ रहा है।
अगोरी खास खंड एक के ई टेंडर के संविदाकार चंद्रशेखर चौरसिया और खंड दो के संविदाकार आरएस मल्होत्रा ने डीएम को पत्र भेजकर काश्तकारी पट्टे में मानकों की अनदेखी कर खनन किए जाने की शिकायत की है। उनका आरोप है कि तहसील ओबरा के ग्राम अगोरी खास की आराजी संख्या 124 में स्थित क्षेत्र में खंड-1 और आराजी संख्या 824 ख में खंड-2 को खनन के लिए स्वीकृत की गई है। इसका सीमांकन अभी नहीं हो पाया है। इसके चलते इन दोनों आराजी के आसपास में हुए भूमिधरी खनन पट्टा धारक मशीनों की मदद से खंड-1 व दो को आवंटित क्षेत्र में खनन कर रहे हैं। अगर ऐसे ही भूमिधरी पट्टा धारकों के जरिेये अवैध खनन होता रहा तो खंड संख्या एक और दो में आवंटित क्षेत्र में बालू की मात्रा कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि खंड एक और दो के पास फसल लगी जमीन में लगभग चार रेत खेत काश्तकारों को नियमों को ताक पर रखकर पट्टा दिया गया है। काश्तकार सीधे नदी में पोकलेन मशीन लगाकर उनके गाटा संख्या एक और दो से लोडिंग कर रहे हैं जो नियमविरुद्ध है। उन्होंने स्वीकृत खनन पट्टा खंड संख्या एक और दो का सीमांकन कराकर अवैध खनन कर रहे व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्यवाही करते हुए राजस्व की क्षति को रोका जाय। इस बाबत खनिज अधिकारी जेपी द्विवेदी का कहना था कि नियमों के विपरीत नदी में अवैध खनन करने वालों पर आकस्मिक जांच कर कार्रवाई की जाएगी।