घोरावल कोतवाली क्षेत्र के भैसवार गांव में जमीन विवाद को लेकर चल रही नापी में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने रविवार को चक्का जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों ने तत्काल नापी रोकने और कार्रवाई का आश्वासन देकर दो घंटे बाद चक्काजाम समाप्त कराया।
प्रदर्शन में शामिल पूर्व ग्राम प्रधान संजय यादव, बिरजू कुशवाहा, गजेंद्र बहादुर सिंह, रामपाल, बृजेश कुमार, परमानंद आदि ने बताया कि चकबंदी के नाम पर भैंसवार में वर्ष 1980 में भारी फर्जीवाड़ा हुआ है।
भूमाफियाओं के पास जो 450 बीघा अतिरिक्त जमीन कागज में दिख रही है, वह जमीन भौतिक रूप से गांव में है ही नहीं। यह जमीन गांव के ही कुछ लोगों ने अवैध तरीके से बाहरी उद्योगपतियों को रजिस्ट्री किया है।
बीते 10 दिन से पुलिस फोर्स की मौजूदगी में राजस्व विभाग की तरफ से नापी का कार्य चल रहा है, इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीण नापी रोकने की मांग कर रहे थे। कोई सुनवाई नहीं होने पर रविवार को दोपहर में भैंसवार गांव के कटरा मोड पर चक्काजाम कर दिया।
इसकी सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल, प्रभारी तहसीलदार विदित तिवारी, क्राइम इंस्पेक्टर शमशेर यादव, घोरावल चौकी प्रभारी अजय श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक मटरूलाल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव में चल रही नापी पर हाईकोर्ट के रोक लगाए जाने के कागजात दिखाए।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया व आश्वासन दिया कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। इस मौके पर संजय यादव, रामपाल पटेल, बेचू मौर्य, जवाहिर बियार, रामवृक्ष कोल, मोहन कोल, मुन्नी कोल, छोटे कोल, बब्बन मौर्य, पंकज मौर्य, रणजीत मौर्य, रवींद्र मौर्या आदि मौजूद रहे।