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Homeopath: संगोष्ठी में जुटे UP के नामचीन होमियोपैथ चिकित्सक, आदिवासी बहुल जिलों में मेडिकल कॉलेज की उठी मांग

Sun, 07 Jul 2024 06:43 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र

सार

Sonbhadra News: होमियोपैथ की चिकित्सा पद्धति को और मजबूती देने के लिए आयोजित संगोष्ठी में विभिन्न मुद्दों पर विमर्श किया गया। वक्ताओं ने आदिवासी बस्तियों में होमियापैथ के मेडिकल कॉलेज की मांग कर लोगों को सस्ती चिकित्सा उपलब्ध कराने की अपील की।
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कार्यक्रम में चिकित्सकों को संबोधित करते वक्ता। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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होमियोपैथ चिकित्सा पद्धति में नए प्रयोगों और अनुसंधानों पर चर्चा के लिए रविवार को प्रदेश के कई जिलों से विशेषज्ञ चिकित्सक सोनभद्र में जुटे। आइडियल होमियोपैथ वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के संयोजन में तीन सत्रों में हुई प्रादेशिक होमियोपैथिक वैज्ञानिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने होमियोपैथ को सस्ती और अचूक चिकित्सा पद्धति बताया। 

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इस दौरान चार राज्यों से सटे जिले में होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज बनवाने की मांग उठी। मंडी समिति के समीप एक बैंक्वेट के सभागार में आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड, सदर विधायक भूपेश चौबे सहित अन्य अतिथियों ने दीप जलाकर किया। 

राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड ने कहा कि असाध्य रोगों का इलाज होमियोपैथी चिकित्सा पद्धति में है। यह पद्धति वर्तमान समय में अन्य चिकित्सा पद्धतियों से सस्ती और लाभकारी है। हमारी सरकार इसे को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश के सभी जिलों में होमिपैथिक अस्पताल कार्य कर रहे हैं।
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स्वस्थ जीवन शैली के लिए होमिपैथी विधा एक विश्वसनीय विकल्प है। विशिष्ट अतिथि भूपेश चौबे ने कहा कि देश में अनेक चिकित्सा पद्धतियां विद्यमान है, उसमें सबसे सस्ती, अच्छी व कारगर चिकित्सा होम्योपैथी की मीठी गोलियों से संभव है।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा कहा कि होम्योपैथ मीठी-मीठी गोलियों से छोटे-छोटे नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य का भी संरक्षण करती है। 

आइडियल होमियोपैथिक वेलफेयर आर्गेनाईजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएन सिंह रघुवंशी ने सोनभद्र में आदिवासी व गरीब लोगों की सुविधा के लिए होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग रखी। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में बच्चों के व्यवहार का संतुलन विषय पर मुख्य वक्ता डॉ. दिनेश ने विचार रखा। 

अध्यक्षता डीएस सिंह ने किया। द्वितीय सत्र का विषय मानसिक रोग में होमियोपैथिक का क्या महत्व रहा मुख्य वक्ता प्रोफेसर एसएस पाल और अध्यक्षता डॉ. अर्पिता चटर्जी ने किया। तृतीय सत्र का विषय असाध्य रोगों में होम्योपैथिक विधा क्या कर सकती है।

इस सत्र के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद रामशकल और मुख्य वक्ता मनोरंजन पाल रहे। अध्यक्षता आरसी श्रीवास्तव ने किया। ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कुसुमाकर श्रीवास्तव, सचिव डॉ. सीबीडी पांडेय ने अतिथियों का स्वागत व सम्मान किया। इस अवसर पर डॉ. अभिषेक देव पांडेय, मनोरंजन पाल, अजीत सिंह, वंशराज आनंद, एके सिंह, आनंद कुमार आदि मौजूद रहे।

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