फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोदाम से कोटे की दुकानों पर घटिया चावल भेजने का आरोप, दुद्धी का एफसीआई गोदाम सील

विज्ञापन
विज्ञापन
गरीबों के लिए भेजे जा रहे अनाज में सेंधमारी और कोटेदारों को घटिया चावल देने की शिकायत की जांच करने बुधवार को तहसीलदार सुरेश चंद्र शुक्ला एफसीआई गोदाम पर धमक पड़े। एफसीआई गोदाम के सामने स्थित एक प्राइवेट गोदाम से सैकड़ों सरकारी बोरे और प्राइवेट मार्का के काफी संख्या में खाली बोरे मिले। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने एफसीआई गोदाम को सील कर दिया।
विज्ञापन

मानक के अनुसार चावल न मिलने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम रमेश कुमार ने तहसीलदार को गोदाम पर रखे अनाज की जांच करने का निर्देश दिया था। बुधवार की दोपहर करीब एक बजे कई लेखपालों के साथ तहसीलदार गोदाम पर पहुंचे। गोदाम पर वितरण के लिए आए अनाज की जांच की। इसके बाद तहसीलदार ने गोदाम के सामने एक प्राइवेट गोदाम में जांच की तो वहां सैकड़ों खाली बोरे मिले। गोदाम के एक लाट में फटे पुराने बोरे में घटिया और खराब चावल मिले। फर्श पर चावल का ढेर लगा था। वहां गेहूं की लोडिंग कर रहे एक ट्रक को भी कब्जे में लेकर पत्रावली तलब की। जमीन पर बिखरे चावल का सैंपल लिया। तहसीलदार सुरेश चंद्र ने बताया कि अग्रिम आदेश तक के लिए एफसीआई गोदाम और उसके सामने स्थित प्राइवेट गोदाम को भी सील कर दिया गया। जांच शुरू होने के आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसएमआई दीपक वशिष्ठ संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जांच एसडीएम को सौंपी जाएगी।
कोटेदारों ने की थी शिकायत
अमवार के कोटेदार सुखी सिंह ने बुधवार को एसडीएम से शिकायत की थी कि इस बार के उठान में 150 बोरी चावल में 135 बोरी चावल लूज सिलाई युक्त बोरे में मिला है। बोरों में चावल ऐसा है कि जिसे इंसान तो छोड़िए जानवर भी ना खा सके। आरोप लगाया है कि प्रत्येक बोरी में एक किलो वजन भी कम है। धोरपा के कोटेदार नागेश्वर प्रसाद ने बताया कि उन्होंने भी 18 तारीख को गल्ले का उठान किया उन्हें भी घटिया चावल की खेप दी गई।
विज्ञापन

गोदाम में होता है हेराफेरी का खेल
दुद्धी। एफसीआई से जुड़े कुछ कर्मियों की कार्यप्रणाली से कोटेदार परेशान हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि सड़े गले चावल व गेहूं को खरीदकर कर गोदाम में रखे सरकारी अनाजों में मिलाने का खेल रात के अंधेरे में चलता है। सरकारी गोदाम में रखे अनाजों की बोरियों को आसपास के गोदामों में ले जाकर प्राइवेट बोरे में पैकिंग कर बाजारों में बेच दिया जाता है और सड़े गले अनाज को गोदाम में रखवा दिया जाता है। इसके बाद अनाज को मिलाकर कोटेदारों को दे दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें