जिले में दो दिन से लगातार तेज बारिश के कारण पहाड़ी नदियां और नालों में पानी बढ़ गया है। धंधरौल बांध के लबालब होने पर करीब छह साल बाद बांध के सभी 22 फाटक खोल दिए गए। दोपहर तक इससे 12 हजार क्यूसेक पानी निकाला गया।
इससे पहले वर्ष 2018 में बांध के गेट खोले गए थे। उधर, नगवां बांध के भी छह फाटक खोलकर 5000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दोनों प्रमुख बांधों से भारी मात्रा में पानी निकाले जाने का असर घाघर नदी, नहर और तटवर्ती इलाकों में दिखा है।
प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। मौसम विभाग की ओर से आगे भी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर बांधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। अगस्त माह में हुई भारी बारिश ने ही जिले के सभी बांधों और जलाशयों को भर दिया था।
रिहंद और ओबरा बांध में पानी उच्चतम जलस्तर के करीब पहुंचने पर गेट खोलने पड़े थे। पानी निकाले जाने के बाद इन दोनों बांधों में जलस्तर नीचे आया है, लेकिन पिछले दो दिनों की बरसात से नगवां व धंधरौल बांध में जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है।
धंधरौल बांध का उच्चतम जलस्तर 317.90 मीटर है। रविवार की बारिश से बांध का जलस्तर 317.60 मीटर तक पहुंच गया। करीब 110 साल पुराने इस बांध की सुरक्षा को देखते हुए सोमवार की सुबह बांध के सभी 22 फाटक खोल दिए गए।
दोपहर तक 12 हजार क्यूसेक पानी निकाला गया। यह पानी घाघर नदी और नहर में छोड़ा गया है। जलस्तर नियंत्रित होने के बाद दोपहर बाद गेट बंद कर दिए गए।
उधर, पहले से ही उच्चतम स्तर के करीब पहुंच चुके नगवां बांध में बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र लगातार पानी आने के चलते छह गेट खोलकर पांच हजार क्यूसेक पानी निकाला गया। यह पानी चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र और धंधरौल बांध में छोड़ा गया है। बाढ़ की आशंका से तटवर्ती इलाकों के लोग सशंकित हैं।
24 घंटे में 52.5 एमएम हुई बारिश
सिंचाई विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो रविवार की सुबह आठ बजे से सोमवार की सुबह आठ बजे के बीच 24 घंटे में 52.5 एमएम औसत बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे ज्यादा 72 एमएम की बरसात रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र में दर्ज की गई है। इसके बाद 68 एमएम वर्षा दुद्धी में हुई। घोरावल में 39 और ओबरा में सबसे कम 31 एमएम वर्षा हुई है।