ओबरा तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस में जन समस्या सुनते डीएम और एसपी।
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माह के पहले शनिवार को लगने वाला संपूर्ण समाधान दिवस इस बार सोमवार को लगा। ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी न होने से दोपहर तक तहसीलों में सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर बाद पहुंचे फरियादियों ने शिकायतों की गठरी खोली तो उन्हें आश्वासनों की घुट्टी पिलाकर घर भेज दिया गया। जिले की चारों तहसीलों में कुल 146 आवेदन पत्रों में से सिर्फ 19 का निस्तारण हुआ। शेष मामले गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की हिदायत के साथ संबंधित विभागों को सुपुर्द कर दिया गया।
सदर तहसील में शिकायत लेकर पहुंचे रायपुर थाने के सेमरिया गांव निवासी बग्गड़ और किशुन ने बताया कि दोनों भाइयों के नाम लंबी लड़ाई के बाद जमीन हुई, फिर भी गांव के दबंग उन्हें जोताई-बोवाई करने से रोक रहे हैं। पांच-छह वर्षों से तहसील का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। प्रभारी अधिकारी राजेश सिंह ने मामले का समाधान कोर्ट से करने का हवाला देते हुए उन्हें वापस भेज दिया। यहां कुल 38 मामले आए, जिसमें पांच का निस्तारण हुआ। ओबरा तहसील में डीएम टीके शिबू व एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने शिकायतों की सुनवाई की। डीएम ने कहा कि संबन्धित विभाग अपने प्रकरणों को सुनने के बाद तत्काल समाधान की कोशिश करें। अगर कोई कमी रहती है तो उसे एक-दो दिन में निस्तारित करें। अगर इसके बाद भी समस्या दूर नहीं तो संबंधित उच्चाधिकारियों को हस्तगत करें। उन्होंने पूर्व निस्तारित प्रकरणों की गुणवत्ता की समीक्षा की। यहां कुल 23 शिकायतों में से पांच का निस्तारण हुआ। इस मौके पर एसडीएम जैनेंद्र सिंह, तहसीलदार सुनील कुमार, सीओ शंकर प्रसाद आदि मौजूद रहे। दुद्धी में एडीएम राकेश सिंह की अध्यक्षता में कुल 26 मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें चार का निस्तारण हुआ, जबकि घोरावल में एसडीएम प्रमोद तिवारी ने 59 फरियादियों की शिकायतों को सुना। पांच प्रकरणों का निस्तारण किया।