सोनभद्र। मिर्जापुर में खुल रहे नए राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की कक्षाएं सोनभद्र में संचालित होंगी। कॉलेज के भवन का निर्माण अब तक पूरा न हो पाने के कारण वहां प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सोनभद्र में रिपोर्टिंग करने को कहा गया है। अग्रिम आदेश तक कॉलेज का संचालन यहीं से होगा। इसके मद्देनजर सोनभद्र इंजीनियरिंग कॉलेज में जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कक्षाओं, लैब के साथ ही हॉस्टल सहित अन्य इंतजामों में जिम्मेदार जुट गए हैं।
मंंडल मुख्यालय मिर्जापुर में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के भवन का निर्माण काफी समय से चल रहा है। तमाम कोशिशों के बाद भी भवन पूरा नहीं हो पाया है। इस बीच शासन के निर्देश पर इसी सत्र से कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चार ट्रेड की कुल 240 सीटों पर यहां दाखिला होना है। भवन के अभाव में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई को बिना व्यवधान जारी रखने के लिए मंडल के जनपद सोनभद्र में संचालित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के परिसर में ही कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत प्रवेश प्रक्रिया में काउंसलिंग के दौरान राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज मिर्जापुर का चयन करने वाले छात्र-छात्राओं को 29 सितंबर से सोनभद्र के इंजीनियरिंग कॉलेज में उपस्थित होने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके मद्देनजर इंजीनियरिंग कॉलेज में जरूरी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
चार ट्रेड में होना है दाखिला
मिर्जापुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में कुल चार ट्रेड में 240 सीटें स्वीकृत हैं। कप्यूटर साइंस, इंफॉर्मेशन टेक्नोलाजी, इलेक्टि्रकल और इलेक्ट्रानिक्स में 60-60 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सोनभद्र में इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्टि्रकल और कम्प्यूटर साइंस पाठ्यक्रम पहले संचालित है। इस सत्र से माइनिंग इंजीनियरिंग में भी 30 सीटों पर प्रवेश शुरू हुआ है।
हॉस्टल के लिए होगी मारामारी
सोनभद्र इंजीनियरिंग कॉलेज में ही मिर्जापुर के कॉलेज के संचालन में सबसे बड़ी चुनौती हॉस्टल के प्रबंध की है। यहां कुल 960 छात्र-छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। इसमें 720 छात्र और 240 छात्राओं के लिए हॉस्टल है। वर्तमान में साढ़े सात सौ से अधिक छात्र-छात्रा इसमें रह रहे हैं। माइनिंग इंजीनियरिंग की 30 सीटें बढ़ने के बाद हॉस्टल में यह संख्या और बढ़ जाएगी। मिर्जापुर के कॉलेज में दाखिला लेने वाले 240 विद्यार्थियों के लिए भी यहीं व्यवस्था करनी होगी। क्षमता से अधिक छात्र होने के कारण संभव है कि बड़ी संख्या में छात्रों को परिसर के अंदर हॉस्टल की सुविधा से वंचित होना पड़े।
राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज मिर्जापुर का संचालन सोनभद्र परिसर में ही होने का निर्देश मिला है। इसके अनुसार जरूरी व्यवस्था की जा रही है। पठन-पाठन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। जरूरत के अनुसार अन्य प्रबंधन किया जाएगा। -प्रो. जीएस ताेमर, निदेशक, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज।