जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीद की तैयारियां तेज हो गई हैं। शासन ने निर्देश दिया है कि 300 क्विंटल तक धान विक्रय करने वाले किसानों के आवेदन का सत्यापन एसडीएम करेंगे। वहीं 300 से अधिक क्विंटल धान बेचने वाले किसानों के आवेदन का सत्यापन एडीएम करेंगे।
योगी सरकार ने जिला प्रशासन को अधिक से अधिक किसानों का धान क्रय करने का निर्देश दिया है। इसके तहत प्रशासन धान खरीदने की तैयारी में जुटा है। राबर्ट्सगंज, चतरा, नगवां, घोरावल, करमा, चोपन, कोन, म्योरपुर, दुद्धी और बभनी ब्लॉक क्षेत्र में 71 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद की जाएगी, लेकिन अब तक 57 केंद्र ही बने हैं। एक नवंबर से 28 फरवरी तक केंद्रों पर धान क्रय किया जाएगा। शासन ने जिला प्रशासन को वर्ष 2021-22 में एक लाख 51 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया है। धान बिक्री के लिए अभी तक 9174 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें से 2246 किसानों का सत्यापन हो चुका है। एसडीएम तीन सौ क्विंटल तक एवं उसके ऊपर धान विक्रय करने वाले किसानों का एडीएम सत्यापन करेंगे। राजस्वकर्मी आवेदन करने वाले किसानों के यहां जाकर पता कर रहे हैं कि उन्होंने कितने क्षेत्रफल में खेती की है। जितने धान बेचने के लिए आवेदन किया है, उतनी पैदावार हो सकती है या नहीं। किसानों की सुविधा के लिए क्रय केंद्रों पर ही ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने की सुविधा होगी।
जिले में अभी तक 9174 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें से 2246 किसानों का सत्यापन हो चुका है। किसान जिस तहसील के निवासी होंगे, उसी तहसील के क्रय केंद्र पर धान बेच सकेंगे। किसानों की सुविधा के लिए क्रय केंद्रों पर ही ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने की सुविधा होगी। किसान स्वयं भी ऑनलाइन टोकन पोर्टल से प्राप्त कर सकेंगे। -संजय पांडेय, जिला विपणन अधिकारी।