सोनभद्र। अपर जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेंद्र यादव ने शुक्रवार को राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) मिर्जापुर का निरीक्षण किया। इस दौरान विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन भी हुआ।
सोनभद्र में राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) संचालित नही है। जिले से संबंधित विधि के विरुद्ध कार्य में शामिल बाल अपचारी मिर्जापुर स्थित राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) में आवासित किए जाते हैं। राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) मिर्जापुर में कुल 57 किशोर आवासित है। इसमें सोनभद्र के 13 विधि के विरुद्ध बालक आवासित हैं। सभी बालकों से उनके मामले एवं समस्याओं के बारे में पूछताछ किया गया। सभी ने बताया कि उन्हें राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) मिर्जापुर में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं है। स्वास्थ्य ठीक है तथा खाने पीने का सामान निर्धारित मीनू के अनुसार प्राप्त होता है। अपर जनपद न्यायाधीश ने प्रभारी अधीक्षक लल्लन प्रसाद, संप्रेक्षण गृह (किशोर) को साफ-सफाई आदि की व्यवस्था प्रतिदिन कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही किशोरों के भोजन आदि की व्यवस्था, उनके पढ़ाई, चिकित्सा, खेलने व मनोरंजन आदि का प्रबंध भी नियमानुसार करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के समय प्रभारी अधीक्षक के अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संजय कुमार दुबे, कपूर चंद्र आदि उपस्थित रहे।