सोनभद्र। करमा थाना क्षेत्र में गत 25 जनवरी को हुए दूध विक्रेता की हत्या और ओबरा थाना क्षेत्र में युवती की संदिग्ध मौत की गुत्थी पुलिस सुलझा नहीं सकी है। एक सप्ताह बाद भी घटना से पर्दा नहीं उठने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि पुलिस जल्द खुलासे की दावा कर रही है।
सरंगा निवासी रामनरेश यादव (50) दूध का कारोबार करता था। गत 25 जनवरी की शाम वह बाजार गए थे। रात नौ बजे घर लौटने के दौरान गांव में ही घर से तीन सौ मीटर दूर बदमाशों ने धारदार हथियार से उनपर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। उच्चाधिकारियों की ओर से मामले के खुलासे के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। घटना के बाद से पुलिस कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है। पूर्व में कुछ लोगों ने मृतक को सीताबहार जाने से मना किया था। अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक करमा राजकुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की टीमें जांच में जुटी है। कई बिंदुओं पर जांच चल रही है।
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कौन थी युवती, कैसे हुई मौत बना रहस्य
ओबरा कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर दस से ओबरा गांव जाने वाली सड़क किनारे जंगल में 23 जनवरी की सुबह एक अज्ञात युवती का शव मिला था। 72 घंटे बाद शव की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया। घटना के नौ दिन हो चुके हैं, मगर मृतका की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। वह कौन थी, यहां कैसे पहुंची यह रहस्य बना हुआ है। मृतका के चेहरे पर खरोंच के कई निशान थे। उसके होंठ पर भी कटने के गहरे जख्म थे। उसके पैर में चप्पल नहीं थी। पुलिस ने विसरा जांच को भेजा है। इसके आधार पर ही आगे की जांच होगी। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि मृतका की पहचान नहीं हो सकी है। उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। विसरा जांच से स्थिति स्पष्ट होगी।