सरकार किसानों को खाद की समस्या से निजात दिलाने के लिए सभी उर्वरक बिक्री केंद्रों को आईएफएमएस पोर्टल पर स्टाक अपलोड करते रहने का निर्देश दिया है। कृषि अधिकारी ने जिले के 396 उर्वरक विक्रेताओं को पोर्टल पर स्टाक अपडेट करने का निर्देश दिया है, लेकिन अधिकांश सही स्टाक अपलोड नहीं कर रहें। इसे गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग स्टाक के बारे में सही जानकारी नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटे हैं।
योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कृषि विभाग को किसानों को खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया है। उक्त आदेश के क्रम में कृषि विभाग कार्य योजना तैयार कर उसे अमल लाने की तैयारी में जुटा है। खाद बिक्री केंद्रों की मॉनीटरिंग के तहत अधिकारी केंद्रों पर उपलब्ध खाद का स्टाक चेक करेंगे। सरकार की ओर से बनाए गए आइएफएमएस पोर्टल पर खाद बेचने वालों को दर्ज करना है कि उनके यहां पर किस खाद का कितना स्टाक है। किसान घर बैठै आईएफएमएस पोर्टल के जरिए पता चल जाएगा कि उनके नजदीक कौन उर्वरक की दुकानें है और वहां परद कितनी खाद उपलब्ध है। हालांकि आदेश के बावजूद अभी तक राबट्र्सगंज, घोरावल, ओबरा और दुद्वी तहसील क्षेत्र में संचालित 396 लाइसेंसी उर्वरक विक्रेताओं मेें से अधिकांश दुकानदार स्टाक की सही जानकारी पोर्टल पर नहीं दे रहे हैं। ऐसे लोगों को कृषि विभाग गोपनीय ढंग से चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
जिले के सभी खाद विक्रेताओं को आईएफएमएस पोर्टल पर खाद के स्टाक अपलोड करने के आदेश दिए गए हैं। पोर्टल पर उर्वरक के संबंध में सही जानकारी न अपलोड करने वाले दुकानदारों को चिन्हित कर कार्रवाई करेंगे।
- डॉ. हरि कृष्ण मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी