जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में सोमवार को दो कर्मियों के बीच जमकर नोकझोंक हो गई। दफ्तर में हंगामा होने से अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। लेखाकार गजेंद्र मोहन पांडेय से अभद्र व्यवहार करने और धमकी देने के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ विशाल सिंह ने ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार दूबे को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। उन्होंने तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
सोमवार की पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे किसी बात को लेकर डीपीआरओ कार्यालय में तैनात लेखाकार और एक ग्राम पंचायत अधिकारी के बीच कहासुनी शुरू हो गई। दफ्तर में मौजूद अन्य कर्मियों ने दोनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। लेखाकार गजेंद्र मोहन पांडेय ने डीपीआरओ को पत्र देकर मामले की शिकायत की। पत्र में कहा कि वह कार्यालय में बैठे थे तभी सदर ब्लाक में तैनात सेक्रेट्री मनोज कुमार दुबे वहां पहुंचे और आरटीआई के तहत जारी आदेशों को गलत बताते हुए 25 हजार की वसूली आदेश को वापस करने के लिए दबाव बनाने लगे। इसी दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए ठोक देने की धमकी दी गई।
मामले का संज्ञान में लेते हुए डीपीआरओ ने सदर ब्लॉक के सेक्रेट्री मनोज कुमार दुबे को नोटिस जारी किया है। इस मामले में स्पष्टीकरण तत्काल प्रस्तुत करने को कहा है। यह हिदायत भी दी है कि भविष्य में ऐसे कृत्यों की पुनरावृत्ति न की जाए, अन्यथा इसे गंभीरता से लेते हुए आपके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सेक्रेट्री मनोज कुमार दुबे का कहना था कि वसूली आदेश के विरुद्ध उन्हें कोर्ट ने स्थगन आदेश दिया है। इसी के संबंध में वह अपना पक्ष रखने गए थे। अभद्रता और धमकी देने का आरोप निराधार है।