सोनभद्र। दारूल उलूम कादरिया नूरिया नरोखर की ओर से शनिवार की रात नरोखर गांव में एक दिनी अजीमुश्शान सुन्नी कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें दूरदराज से आए उलेमाओं ने मुस्लिमों को नेक राह पर चलने की नसीहत दी।
सुन्नी कांफ्रेंस की सदारत मौलाना अजीमुद्दीन रिजवी ने की। कांफ्रेंस में भागलपुर से आए मौलाना जुनैद आलम ने इस्लाम धर्म के बारे में लोगों को बताया। कहा कि मुसलमानों को एक व नेक होने की जरूरत है। इस्लाम धर्म नेकी का दूसरा नाम है। नेकी भी ऐसी कि एक हाथ से करें तो दूसरे को पता न चले। जुनैद आलम ने कहा कि अल्लाह ने फरमाया है कि ऐ मुसलमानों नेकी की राह पर चलो, तभी सभी का भला होगा। इलाहाबाद से आए कारी अयूब, आजमगढ़ के अफजाल आजमी और अजमत जौनपुरी ने जलसे में एक से बढ़कर एक तरन्नुम पेश किया। इन उलेमाओं ने मुस्लिमों के समक्ष वर्तमान परिवेश में पैदा चुनौती से लड़ने को भी आगाह किया। कहा, मुसलमान तालीम के अभाव में पिछडे़पन के शिकार हैं। हमें मजहबी तालीम के साथ अन्य भाषाओं की भी शिक्षा लेनी चाहिए, ताकि समाज में सभी के सामने अपनी अहमियत हो सकेगी। कांफ्रेंस की सरपरस्ती काजी-ए- बनारस मुफ्ती गुलाम यासीन ने की। इस मौके पर सपा के राबर्ट्सगंज के अध्यक्ष रोशन खां, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इं. जितेंद्र पासवान, डा. शिवाजी, अलाउद्दीन खां, अतबल खां, बदरे आलम समेत भारी संख्या में लोग मौजूद थे। जलसे में दूरदराज के गांवोें से आए लोगों ने भी शिरकत की।