सोनभद्र/ केकराही। जिले में शिक्षकों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। स्कूल छोड़कर नदारद रहने वाले शिक्षकों पर जल्द ही गाज गिरनी शुरू हो जाएगी। इसके लिए जिले में वालंटियर नियुक्त किए गए हैं। ये लोग विद्यालय की पूरी तरह निगरानी करेंगे। गड़बड़ी मिलने पर यह अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को देंगे। इनकी रिपोर्ट पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में प्राथमिक विद्यालय 1810 और उच्च प्राथमिक विद्यालय 654 हैं। इसके सापेक्ष शिक्षकों की कमी बनी रहती है। आलम यह है कि ज्यादातर विद्यालय शिक्षामित्रों के सहारे चल रहे हैं। कई विद्यालय शिक्षकविहीन भी हैं। खासकर नक्सल क्षेत्र में तो कोई शिक्षक जाना ही नहीं चाहता है। जहां शिक्षक हैं भी, वे भी स्कूल छोड़कर नदारद रहते हैं। इस तरह रहना उनके न रहने के बराबर है। लाख प्रयास के बावजूद बच्चों की संख्या घट रही है। इन्ही सब को देखते हुए शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए एक जिले में 320 वालंटियर नियुक्त किए गए हैं। डीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने चयन किया है। विद्यालय की गतिविधियों पर इनको नजर रखनी होगी। यह शिक्षकों के पढ़ाने के तौर-तरीकों पर ध्यान रखेंगे। इसके अतिरिक्त मिड डे मील योजना का संचालन भी देखेंगे। यह विद्यालयों में गड़बड़ी की रिपोर्ट सीधे उच्चाधिकारियों तक पहुंचाएंगे। वालंटियर की पोशाक सफेद शर्ट और टोपी शासन से मिलेगी।