सोनभद्र। जनपद के परिषदीय विद्यालयों के भवन निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जाने के मामला प्रकाश में आया है। कई विद्यालयों में कहीं फर्श का निर्माण नहीं हुआ है तो कहीं शौचालय ही नहीं बनाया गया है। मामला प्रकाश में आने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रभुराम चौहान ने एक विद्यालय के शिक्षक का वेतन रोकने तथा दूसरे विद्यालय भवन निर्माण का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है।
जिले में विद्यालय भवनों के निर्माण में जमकर गड़बड़ी की जा रही है। मानकों को ताख पर रखकर भवन बनाए जा रहे हैं। बीएसए ने जब कुछ विद्यालयों की जांच की तो भवनों की दुर्दशा देख अवाक रह गए। बीएसए ने प्राथमिक विद्यालय मंगुराही की जांच की तो पाया कि वहां भवन की चहारदीवारी का निर्माण काफी घटिया स्तर का किया गया है। इतना ही नहीं हैंडपंप का फाउंडेशन भी ठीक ढंग से नहीं बनाया गया। इस पर उन्होंने भवन का भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया। उन्होंने जिला समन्वयक निर्माण को भवन का सत्यापन और मूल्यांकन करने का निर्देश दिया है। साथ ही जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में देने को कहा है। श्री चौहान ने उच्च प्राथमिक विद्यालय जुड़ी का निरीक्षण किया। वर्ष 2007-08 में यह भवन बनाया गया। इसमें फर्श और शौचालय का निर्माण किया ही नहीं गया। खिड़कियों में पल्ले भी नहीं लगाए गए। उन्होंने प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर भवन प्रभारी रणजीत सिंह का तत्काल प्रभाव से वेतन रोक दिया है। साथ ही जल्द भवन पूर्ण कराने का निर्देश दिया है। अन्य विद्यालयों का भी जांच करने का निर्देश दिया है। जैसे-जैसे मामले प्रकाश में आते जाएंगे वैसे-वैसे लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।