जिले में घर-घर अभियान चलाकर नियमित टीके से वंचित गर्भवती महिलाओं, नौनिहालों और कोरोना टीके से वंचित बुजुर्गों का चिह्नांकन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में ब्लाकवार आशाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की टीम ने लोगों के घरों-घरों तक जाकर लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई। पहले दिन 1616 लोगों को चिह्नित किया गया।
नियमित टीके से वंचित गर्भवती महिलाओं के चिंहांकन कार्यक्रम में सर्वाधिक चोपन, म्योरपुर और केकराही की महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा नियमित टीके से वंचित नौनिहालों में चोपन, घोरावल, म्योरपुर और केकराही के अधिकतम लोगों ने बच्चों को नियमित टीके की एक भी खुराक नहीं लगवाई है। इस अभियान को पांच दिनों तक चला कर लोगों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद घर-घर जाकर सभी को टीका लगाया जाएगा। सोमवार को इस अभियान के तहत ब्लाक वार मिली गर्भवती महिलाओं में बभनी में 8, चतरा में 5, चोपन में 112, दुद्धी में 9, घोरावल में 72, म्योरपुर में 188, नगवां 6, केकराही 198, राबर्ट्सगंज में 2 समेत कुल 600 महिलाओं का चयन किया गया है। शून्य से 2 वर्ष आयु के नौनिहालों में नियमित टीके की कोई खुराक न लेने वाले बभनी में 18, चतरा में 12, चोपन में 197, दुद्धी में 2, घोरावल से 121, म्योरपुर से 208, नगवां से 14, केकराही से 196, रावर्ट्सगंज में 4 सहित 772 बच्चों को चिंहित किया गया है।
कोविड टीके से वंचित 244 बुजुर्ग चिह्नित
जिले में कोरोना से बचाव के लिए लगाए जा रहे टीके से वंचित लोगों के चिंहांकन का कार्य सोमवार से प्रारंभ किया गया। पहले दिन ही 244 ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया जो शत प्रतिशत टीकाकरण अभियान में बाधक बन रहे थे। जिसमें बभनी में 12, चतरा 16, चोपन 30, दुद्धी 13, घोरावल 18, म्योरपुर 46, नगवां 10, केकराही 12 और राबर्ट्सगंज 87 लोगों ने कोविड टीका नहीं लगवाया है।