एनसीएल 60 मिलियन टन अतिरिक्त कोयले का प्रेषण हरित माध्यम से देश के पावर प्रोजेक्टों व अन्य बड़े उपभोक्ताओं को करेगा। इसके लिए मार्च 2023 की समय सीमा तय की गई है। अभी हरित माध्यम से एनसीएल 70 मिलियन टन कोयला डिस्पैच (प्रेषण) कर रहा है।
शुक्रवार को एनसीएल के सीएमडी भोला सिंह ने जयंत दुद्धीचुआ के निर्माणाधीन एफएमसी परियोजनाओं का दौरा कर इनकी प्रगति का जायजा लिया। निदेशक एसएस सिन्हा भी उपस्थित रहे। मशीनीकृत पर्यावरणीय प्रेषण की दिशा में इन दोनों ही एफएमसी परियोजनाओं का विशेष महत्व है। जयंत कोयला क्षेत्र में अतिरिक्त 15 मिलियन टन वार्षिक क्षमता के सीएचपी-साइलो और दुद्धीचुआ क्षेत्र में 10 मिलियन टन सीएचपी-साइलो का निर्माण कार्य तेजी के साथ चल रहा है। इसके मार्च 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है।
सीएमडी भोला सिंह ने क्षेत्रीय महाप्रबंधकों, प्रोजेक्ट इंचार्ज और सीएचपी का निर्माण कार्य कर रही कंपनी के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा कर समय सीमा के अनुरूप कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। वर्तमान समय में एनसीएल में सीएचपी की वार्षिक क्षमता 70 मिलियन टन है। अलग-अलग परियोजनाओं में निर्माणाधीन सीएचपी व अन्य एफएमसी परियोजनाओं के पूरा होने पर वर्ष 2023-24 तक लगभग 60 मिलियन टन अतिरिक्त कोयला हरित माध्यम भेजा जा सकेगा जो कुल उत्पादन का लगभग शत प्रतिशत है।