पांच हजार से अधिक आबादी वाले जिले के 32 गांव साफ-सफाई में मॉडल बनेंगे। इन ग्राम पंचायतों में यहां-वहां कूड़ा पसरा नहीं दिखेगा। पूरे ग्राम पंचायत में घर-घर कूड़ा संग्रहण अभियान चलेगा। घरेलू सोख्ता गड्ढा बनाकर पानी को एकत्रित किया जाएगा। कूड़ा संग्रहण केंद्र बनाकर कूड़े से वर्मी कंपोस्ट खाद बनाया जाएगा। ग्रामीणों से स्वच्छता कर भी लिया जाएगा। सोमवार को कार्यशाला में इन ग्राम पंचायतों के प्रधान, सेक्रेट्री, पंचायत सहायक, सफाईकर्मी, खंड प्रेरक आदि को प्रशिक्षण दिया गया।
कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यशाला में डीएम चंद्र विजय सिंह ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की मंशा गांव में ठोस व तरल अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन करना है। आज जिस ग्राम पंचायत में जाइए वहां कूड़ा इधर-उधर बिखरा रहता है। घर के किचन, हैंडपंप का पानी गलियों में बहता है। स्वच्छ भारत मिशन फेज एक के तहत लोगों को खुले में शौच के प्रति जागरूक किया गया। अब जरूरत है लोगों को अपने कूड़े को व्यवस्थित करने की। इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा। चरणबद्ध तरीके से पूरे ग्राम पंचायत में घर-घर कूड़ा के संग्रहण और जहां पानी गलियों में फैल रहा है वहा सोखता गड्ढा बनाया जाएगा। घरेलू कंपोस्ट पीट, सामुदायिक कंपोस्ट पिट, घरेलू सोखता गड्ढा, सामुदायिक सोखता गड्ढा बनाया जाएगा। ग्राम पंचायत में सुविधा अनुसार कूड़ा दान बनाया जाएगा। कूड़ा संग्रहण केंद्र बना कर गांव के कूड़े को एक जगह इकट्ठा कर कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट विधि से कूड़े से खाद भी बनाया जाएगा। गांव को नगर पालिका और नगर पंचायत की तरह विकसित किया जाएगा। इसके सभी ग्राम पंचायत बेहतर ढंग से कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने ग्राम पंचायत के क्षेत्र में आने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को भी विकसित करने के लिए ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव से सहयोग की अपील की। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषण से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्यवर्धक पौष्टिक आहार और दवा आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
कूड़ा उठाने के लिए लगाया जाएगा ई-रिक्शा
सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने बताया कि ग्राम स्वच्छता कार्ययोजना बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि कूड़ा कहां से इकट्ठा किया जाना है और उसे हम प्रतिदिन संग्रहण केंद्र तक कैसे पहुंचा सकेंगे। कूड़ा उठाने के लिए सभी ग्राम में ई रिक्शा का भी प्रावधान किया जाना है। गांव में किस स्थान पर सोख्ता गड्ढा बनेगा, कहां कूड़ा दान बनेगा और किस स्थान पर कूड़ा एकत्रीकरण शेड बनेगा यह ग्राम पंचायत लोगों की सहभागिता से तय करे। सभी सचिव ध्यान से कार्ययोजना को पूर्ण करें। डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत में कूड़ा और सभी व्यवस्था के लिए सफाई कर भी लगाया जाना है। जिसका निर्धारण ग्राम सभा के खुली बैठक में किया जाय। कार्यशाला में एडीपीआरओ राजेश सिंह, एडीपीआरओ प्राविधिक सुमन पटेल, डीपीसी अनिल केशरी, किरन सिंह, राजेश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।