अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि 50 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी। कोर्ट ने पर्याप्त धनराशि न होने की दशा में पीड़िता को प्रतिकार दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र से सिफारिश की है। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरि एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।