सोनभद्र। जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने जिले की सीमा से सटे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड से आने वाले ओवरलोड वाहनों पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए जिले की सीमा से सटे संबंधित राज्यों के सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि वहां के खनन पट्टों से निर्धारित मानक क्षमता के अनुसार ही खनिज लदवाने की व्यवस्था करें ताकि सोनभद्र में ओवरलोड वाहनों का परिवहन बंद हो सके।
डीएम अग्रवाल ने अवैध खनन, परिवहन रोकेने के लिए मध्य प्रदेश के सिंगरौली व सीधी, झारखंड़ के गढ़वा व छत्तीसगढ़ के बलरामपुर व सरगुजा जिले के कलेक्टर को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि यूपी के सोनभद्र जिले से छत्तीसगढ के राज्य का बलरामपुर व सरगुजा जिला की सीमा सटी है। एमपी के सिंगरौली व सीधी तथा झारखंड के गढ़वा जिले की सीमा सटी हुई है। इससे गैर प्रदेशों के विभिन्न जिलों के स्वीकृत खनन पट्टा क्षेत्रों से खनन पट्टा धारकों द्वारा वाहनों पर उप खनिज लादकर सोनभद्र के मार्गो से परिवहन किया जाता है।
वाहन पर मानक से अधिक उप खनिज लादकर परिवहन किया जाता है, जो नियम विरूद्ध है। उन्होने अनुरोध किया है कि संबंधित डीएम अपने-अपने जिले के खनन पट्टा धारकों को निर्धारित मानक के अनुरूप ही उपखनिजों की लोडिंग व परिवहन कराने का निर्देश दें। ताकि सोनभद्र की सीमा में ओवरलोड परिवहन न होने पाए। डीएम ने बताया कि छह चक्का ट्रक के लिए 12.5 टन उपखनिज की लोंडिग व परिवहन अनुमन्य है। 10 चक्का ट्रक के लिए 18 टन, 12 चक्का 24 टन, 14 चक्का 30 टन, 18 चक्का 34 टन और 22 चक्का ट्रक के लिए 38 टन उपखनिजों की लोडिग व परिवहन अनुमन्य है।