सोनभद्र। जिले में गर्मी के चलते तेजी से खिसक रहे जलस्तर से कई इलाकों में पानी का संकट हो गया है। इससे निजात दिलाने के लिए टैंकरों से पेयजलापूर्ति की जा रही है। कई गांवों में पेयजलापूर्ति में खेल किया जा रहा है। कागजों पर टैंकरों से आपूर्ति बढ़ा दिया जा रहा है। इस पर नजर रखने के लिए डीपीआरओ ने 40 टीमें बना दी है। कागजों पर पेयजलापूर्ति करने की पुष्टि होने पर संबंधित प्रधान एवं सेके्रटरियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
चिलचिलाती धूप और उमस ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। बाऊली, तालाब, कूप सूख गए है। साथ ही राबट्र्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील क्षेत्र में लगे करीब 35 हजार इंडिया मार्का हैंडपंपों का जलस्तर भी तेजी से खिसक रहा है। धंधरौल जलाशय, रिहंद डैम, नगवां बांध, सोन नदी, कनहर नदी, रिजुल समेत अन्य नदियों व जलाशयों के भी जलस्तर के खिसकने का सिलसिला जारी है। बकहर, बेलन समेत कई नंदिया भी सूख गई है। राबट्र्सगंज नगर के ब्रम्हनगर, विकास नगर के अलावा उरामैरा, लोढ़ी, पुसौली, कम्हारी, कमोजी, बसुहारी, पोखरिया जुगैल, कोटा, बाकी, पडऱक्ष, चननी, मांची, पुसौली, बनबहुआर समेत अन्य गांवों के अधिकांश टोले में लगे एक-दो हैंडपंपों को छोड़कर सभी ने जवाब दे दिया है। जो हैंडपंप पानी दे भी रहे हैं वे पानी छोडने की कगार पर ंहै। पानी की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों को एक-एक टैंकर क्रय कर जरूरत के अनुसार आपूर्ति करने का निर्देश दिया है। जहां अत्याधिक आवश्यकता होगी वहां जिन गांवों में टैंकरों से आपूर्ति नहीं हो रही है उन टैंकरों और जल निगम के टैंकरों से आपूर्ति की जाएगी। सूत्रों की मानें तो कई ग्राम प्रधान अगर टैंकरों से चार बार आपूर्ति की जा रही है तो उसे बढ़ाकर छह बार कर दे रहे हैं। इतना ही नहीं अपने चहेते लोगों के यहां ज्यादा पानी दे रहे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी आरके भारती ने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक में पांच-पांच टीमें पेयजलापूर्ति की जांच के लिए बनाई गई है। गोपनीय तरीके से टीमें जांच कर रिपोर्ट मुहैया कराएंगी। कम पानी आपूर्ति कर कागजों पर ज्यादा चढ़ाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई होगी।