सोनभद्र। सोनभद्र जिले से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों को लेकर जिले के अफसर गंभीर नहीं हैं। बलुआ और सैदपुर पुल को खतरा बताते हुए चंदौली डीएम की ओर से सोनभद्र सहित तीन अन्य जिलाधिकारियों को ओवरलोड वाहनों को रोकने के लिए लिखा गया अनुरोध पत्र का रविवार को जिले में कोई असर नहीं दिखा। हर रोज की तरह शनिवार रात से लेकर रविवार की शाम तक ओवरलोड वाहन सड़क पर फर्राटा भरते रहे। परिवहन विभाग का विशेष अभियान शुरू होने से एक दिन पहले शक्तिनगर वाराणसी मार्ग से एक हजार ओवरलोड वाहनों में से 500 से अधिक गिट्टी बालू लदे वाहन शामिल रहे। इन वाहनों को लेकर संबंधित थाना, डायल 100, यातायात पुलिस, परिवहन विभाग, खनिज विभाग और मजिस्ट्रेट कार्रवाई नहीं कर सके।
चंदौली के डीएम नवनीत सिंह चहल ने ओवरलोड वाहनों से बलुआ घाट पुल और गाजीपुर के सैदपुर सेतु को खतरा बताया था। उन्होंने 31 मई को सोनभद्र, मिर्जापुर, बिहार के रोहतास और कैमूर के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर ऐसे वाहनों पर लोडिंग प्वाइंट से ही शिकंजा कसने का अनुरोध किया था। इसके पीछे डीएम चंदौली की सोच यह थी कि अगर उपरोक्त जिलों से लोडिंग प्वाइंट से ही निर्धारित मात्रा में वाहनों पर गिट्टी बालू लोड होगा तो पुल से आवागमन सुचारु रूप से चलता रहेगा। वहीं डीएम का पत्र सार्वजनिक होने के बाद यह माना जाने लगा था कि पत्र मिलते ही बिना समय गंवाए अफसर टीम के साथ ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसेंगे मगर ऐसा बिलकुल नहीं हुआ। रविवार की शाम तक टोल प्लाजा से 1000 ओवरलाड वाहन गुजरे। इनमें कोयला, गिट्टी, बालू आदि मटेरियल लदे वाहन क्षमता से अधिक माल लोड किए हुए पाए गए। 500 से अधिक गिट्टी बालू बाडी तक लोड किए हुए दिखे। लोडिंग प्वाइंट से लेकर हाइवे पर स्थित थाना, डायल 100, परिवहन विभाग, टोल प्लाजा और खनिज चेकिंग बैरियर से आसानी से वाहन गुजरते रहे।
ओवरलोड, फर्जी परमिट, इंट्री से चलती है दुकानदारी!
सोनभद्र। प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और खान अधिकारी, सर्वेयर जिस दिन चाह ले उस दिन न सिर्फ ओवरलोडिंग पर लगाम लग जाएगा बल्कि स्कैन परमिट से खनिज बैरियर से गिट्टी बालू पार कराना आसान नहीं होगा मगर ऐसा होते संभव नहीं दिख रहा है। वजह, ओवरलोड, वाहनों की इंट्री और स्कैन परमिट के चलन के चलते नीचे से लेकर ऊपर तक दुकानदारी चलती है। पूरा सिस्टम को सिंडिकेट चलाता है। जिले से गुजरने वाले ऐसे वाहनों को तय शुदा एक जगह अदायगी करनी पड़ती है। बाकी हर दिन के हिसाब का बंदर बांट दूसरे दिन सुबह होता है। इसी तरह ओवरलोड वाहनों की इंट्री के चलते ही इस पर लगाम लगाना आसान नहीं है। यह गोरखधंधा इसी तरह से फलता फूलता रहे इस लिए बीच बीच में दिखावे को लेकर अभियान चलाया जाता है। जब तक अभियान चलता है तब तक इस तरह के वाहनों का आवागमन कम हो जाता है उसके बाद फिर वही गोरखधंधा शुरू हो जाता है।
डीएम चंदौली के पत्र के बाद ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। सोमवार से 14 जून तक ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए एआरटीओ और पीटीओ संयुक्त रूप से मिलकर अभियान चलाएंगे। हर हाल में ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
डीके त्रिपाठी, डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर वाराणसी परिक्षेत्र