सोनभद्र। शहरी क्षेत्रों में भी दावे के मुताबिक बिजली नहीं मिल रही है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी।, इसका कोई नियम नहीं रह गया है। इसके कारण लोगों को इनवर्टंर एवं जेनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं बिजली विभाग का दावा है कि रोस्टर के अनुसार आपूर्ति की जा रही है।
वर्ष 2017 में सूबे की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति करने का निर्देश दिया है। सीएम के आदेश के क्रम में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने रोस्टर भी जारी किया है। लेकिन वर्तमान में रोस्टर के अनुसार राबट्र्सगंज, चोपन, ओबरा, दुद्धी समेत अन्य शहरी इलाकों में आपूर्ति न होने से उपभोक्ता परेशान हैं।
राबर्ट्सगंज नगर न्यू कोलोनी निवासी राजेश शुक्ला ने कहा कि अनियमित कटौती से उपभोक्ता परेशान है। आर्य नगर निवासी अशोक जैन कहते है कि बिजली कटौती से जीना दुश्वार हो गया है। बिजली के बिल से जादा जनरेटर में डीजल लग जा रहा है। न्यू मार्केट निवासी अनवर खान का कहना है कि भीषण गर्मी और उमस में बिजली की हो रही कटौती से उपभोक्ता परेशान है। बिजली कब कट जाएगी किसी को पता नही रहता है। नियमित रोस्टर समय निर्धारण नही होने से उपभोक्ताओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पीडब्लूडी कालोनी निवासी श्यामाकांत पांडेय कहते है कि प्रदेश सरकार द्वारा नगर में 24 घंटे बिजली देने की घोषणा है। लेकिन विभाग द्वारा समय से बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है। इस संबंध में राबट्र्सगंज विद्युत वितरण खंड के एक्सईएन एसके सिंह का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे आपूर्ति की जा रही है। लाइन में फाल्ट होने पर उसे दुरूस्त करने के लिए कभी-कभार सप्लाई को बंद करना पड़ता है।