सोनांचल में बिजली विभाग के पिपरी व राबर्ट्सगंज डिविजन में सवा लाख ऐसे उपभोक्ता चिह्नित किए गए हैं, जिन्होंने बिजली तो खूब जलाई, लेकिन बिल देना भूल गए हैं। कनेक्शन होने के बाद से इन उपभोक्ताओं ने एक बार भी बिजली का बिल जमा नहीं किया है। अब ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान करते हुए कनेक्शन काटने और आरसी जारी करने की विभाग योजना बना रहा है।
बिजली विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो सोनांचल में पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 तक बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 303700 थी, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 308130 हो गई है। जिले में बीते अप्रैल माह से अब तक करीब 4430 नए उपभोक्ताओं ने बिजली कनेक्शन लिया है। इसमें करीब ढाई लाख गैर सरकारी बिजली उपभोक्ता हैं।
इसमें भी महज सवा लाख उपभोक्ता ही बिजली बिल जमा कर रहे हैं। करीब एक लाख 25 हजार 50 उपभोक्ता ऐसे हैं जो बिजली कनेक्शन लेने के बाद से अब तक एक बार भी बिल जमा नहीं किए हैं। इसमें सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं की संख्या अधिक है। इन उपभोक्ताओं पर लगभग सौ करोड़ रुपये बिल बकाया है।
बिजली विभाग लंबे समय से बिल जमा न करने वालों को चिह्नित करते हुए टीम भेजकर बकाया जमा करने की अपील कर रहा है। जो उपभोक्ता बिल जमा नहीं करेंगे उनका कनेक्शन काटते हुए आरसी जारी करने की योजना विभाग की तरफ से बनाई जा रही है। इसके लिए विभागीय कर्मचारियों के साथ मीटर रीडरों की टीम लगाई गई है।
सिर्फ 8446 उपभोक्ता जमा किए बिल
वर्ष 2022-23 में जिले में नेवर पैड उपभोक्ताओं की संख्या एक लाख 33 हजार 496 थी। जो वर्ष 2023-24 में इनकी संख्या घटकर एक लाख 25 हजार 50 रह गई है। इस तरह से चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल माह से अब तक जिले में नेवर पैड के करीब 8446 उपभोक्तक्ताओं ने बिल जमा किया है। वित्तीय वर्ष के अंत तक संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
38 कर्मचारी 204 मीटर रीडरों की लगाई गई टीम
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता इं. नीरज गोयल ने बताया कि नेवर पेड उपभोक्ताओं की पूरी लिस्ट बना ली गई है। राबर्ट्सगंज और पिपरी डिविजन में बिजली विभाग के कुल 38 कर्मचारी और 204 मीटर रीडर की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें 105 राबर्ट्सगंज क्षेत्र एवं 99 पिपरी क्षेत्र के मीटर रीडर है। इन्हें बिल सही बनाते हुए उपभोक्ताओं से जमा कराने, बिलिंग से संबंधित गड़बड़ी दूर करने के लिए निर्देशित किया गया है। इन कर्मचारियों की ड्यूटी सुपरवाइज बिलिंग के रूप में लगाया गया है। अगर उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत होती है तो वे विभागीय उच्चाधिकारियों से संपर्क करके समाधान करा सकते हैं।