सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र के सेमिया गांव में शनिवार दोपहर 12 गौरैया के मृत मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पशुपालन विभाग की टीम ने इन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चिकित्सकों ने गौरैया में बर्ड फ्लू का लक्षण मिलने से इनकार करते हुए ठंड से मौत की आशंका जताई है।
मध्य प्रदेश की सीमा से करीब दस किमी पहले जुगैल थाना क्षेत्र का सेमिया गांव है। गांव में एक पेड़ पर दो दर्जन गौरैया बैठी थीं। सुबह करीब नौ बजे एक के बाद एक गौरैया गिरकर मरने लगीं। पहले तो ग्रामीणों ने इसे नजर अंदाज कर दिया। कुछ देर के बाद जब तीन-चार गौरैया और गिरीं तो बर्ड फ्लू की आशंका से लोग सहम गए।
जब तक लोग पशु पालन विभाग के चिकित्सकों को सूचना देते, तब तक 12 गौरैया मर चुकी थीं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना चोपन के पशु चिकित्सक विकास चौधरी को दी। वह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सभी शव कब्जे में ले लिए। पशु चिकित्सक विकास ने बताया कि ग्रामीण बर्ड फ्लू की आशंका जता रहे हैं, जबकि ऐसा है नहीं।
कहा कि गौरैया में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले। सभी का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उनके सैंपल भी लिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर भोपाल स्थित लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने पक्षियों के ठंड से मरने की आशंका जताई है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि गौरैया के सैंपल लिए गए हैं। इनके ठंड से मरने की आशंका है। जिले में अभी तक कहीं बर्ड फ्लू का मामला नहीं मिला है। ग्रामीणों को सचेत कर दिया गया है।