उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में रानी की सराय थाने के विसुनपुर कोल्हापट्टी गांव में 26 दिन पूर्व अधिवक्ता ससुर और बहू की हत्या को पुलिस ने सुलझाते हुए फरार छोटे बेटे को आरोपी बताया।
एएसपी नगर विनोद ने बताया कि साक्ष्य और सबूतों के आधार पर फरार अतुल को आरोपी बनाया गया है। पुलिस की मानें तो पिता-पत्नी के बीच चल रहे अनैतिक संबंधों को युवक बर्दाश्त न कर सका और उसने घटना को अंजाम दिया। घटना से पूर्व उसने पिता को पीटा भी था।
एएसपी नगर विनोद के अनुसार आरोपी युवक अतुल सेन अधिवक्ता अशोक यादव का सबसे छोटा बेटा है। एएसपी के मुताबिक अतुल को अपनी पत्नी और पिता के संबंधों के बारे में मित्रों से जानकारी हुई। इसके बाद से वह तनाव में रहने लगा।
साथ ही दिमागी से रूप से परेशान रहने लगा। उसकी दवा भी चल रही थी। तनाव के दौरान उसने हत्या से पूर्व पिता को पीटा भी था। पुलिस की माने तो पत्नी और पिता के संबंधों की जानकारी के लिए अतुल ने योजना बनाई।
इसके तहत वह घटना की रात 27 जून 2013 को लखनऊ जाने का बहाना बनाकर घर से निकला। उसके घर से बाहर चले जाने के बाद पिता और पत्नी एक जगह हो गए। तभी अतुल पहुंच गया।
पहले तो पत्नी का गला घोट उसे मौत की नींद सुला दिया। बाद में कुल्हाड़ी से प्रहार कर पिता की हत्या कर दी। फिर पत्नी का शव को मवेशीखाने में ले जाकर कुल्हाड़ी से काट डाला।
एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि अतुल सेन दोनों की हत्या करने के बाद अपने कुछ रिश्तेदारों के यहां भी गया, वहां उनसे दोनों की हत्या करने की बात स्वीकार की है। इन रिश्तेदारों ने पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी है।