उत्तर प्रदेश के बहराइच में बाबागंज के खेत में काम कर रहे युवक को सर्प ने डसा और मौके पर ही सांप की मौत हो गई। युवक को बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से इलाज के बाद वह स्वस्थ होकर घर लौटा।
डॉक्टरों ने ग्रामीण के शरीर में जहर की पुष्टि की है। मामला केशवापुर मुराव गांव का है। रुपईडीहा थाना अंतर्गत केशवापुर मुराव गांव निवासी चंद्रेश (40) पुत्र सत्रोहन, सोमवार दोपहर तीन बजे के आसपास खेत में धान की कटाई कर रहा था।
इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया। आसपास मौजूद अन्य मजदूरों ने बताया कि सर्प के डसते ही चंद्रेश ने उसे पकड़ लिया और अपने शरीर पर तीन-चार अन्य स्थानों पर कटवाया। इसके बाद मौके पर ही सांप की मौत हो गई।
चंद्रेश भी बेहोश होकर गिर गया। परिवारीजन उसे बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल ले गए। यहां इलाज के बाद मंगलवार सुबह चंद्रेश को छुट्टी दे दी गई। इस मामले में परिवार के लोगों से बातचीत की गई तो पता चला कि चंद्रेश बचपन से ही कई तरह के नशे करता है।
नशे के कारण उसके शरीर में जहर फैल गया है, जिसके चलते सर्प भी मर गया। चंद्रेश के शरीर में जहर होने की पुष्टि जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने भी की।
अत्यधिक नशा के सेवन से सांप पर हो सकता रिएक्शन
जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मलय श्रीवास्तव ने बताया कि सांप का विष ह्यूमो टॉक्सिक और न्यूरो टॉक्सिक दो तरह का होता है। युवक को नागिन के काटने की बात ग्रामीण बता रहे हैं। उसका जहर न्यूरो टॉक्सिक होता है। यह जहर नस के द्वारा दिमाग तक पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि अफीम, कोकीन ऐसे मादक द्रव्य हैं, जिनका नियमित सेवन करने वाले व्यक्ति के खून में ऑटोमेटिक जहर मिला होता है। ऐसे में हो सकता है, सांप ने जब युवक को डसा हो तो पर्याप्त मात्रा मात्रा में विष उसके शरीर के अंदर न गया हो।
उन्होंने स्वीकार किया कि जिस तरह सांप के जहर का असर मानव शरीर पर होता है, उसी तरह सांप पर भी रिएक्शन हो सकता है। उन्होंने कहा कि सांप की मौत कैसे हुई, परीक्षण के बाद ही कहा जा सकता है।