पांच दिन पूर्व रहस्यमय तरीके से लापता हुआ कानपुर का परिवार इटावा के जसवंतनगर में नहर में कार समेत समा गया। शनिवार को पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में नहर से अल्टो कार में फंसे परिवार के पांच सदस्यों समेत सभी छह शव बरामद किए। शव मिलने के बाद अपनों की तलाश में जुटे परिजनों में कोहराम मच गया।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए। वहीं पुलिस की कार्यशैली से खफा इलाकाई लोगों ने एक घंटे तक नेशनल हाइवे पर जाम लगाए रखा। बाद में बल प्रयोग कर पुलिस ने जाम खुलवाया।
कानपुर के विजयनगर गल्ला मंड़ी, प्लॉट नंबर-5 निवासी टूर एवं ट्रैवल एजेंसी संचालक सुनील पांडेय (35) पुत्र स्व. उमाशंकर पांडेय 27 जुलाई की तड़के कानपुर से मथुरा व आगरा घूमने के लिए अल्टो कार से निकले थे। उनके साथ पत्नी संगीता (32), बेटी माधवी (14), बेटा रजत (12) सहित सुनील का साला गणेश और उनका आवास विकास-3 कल्यानपुर निवासी दोस्त राहुल द्विवेदी (28) पुत्र लल्लन द्विवेदी भी थे।
कार की तलाश में नहर का पानी रुकवाया
मथुरा व आगरा घूमने के बाद सभी अल्टो कार से 27 जुलाई की शाम को कानपुर के लिए निकले थे, पर कानपुर नहीं पहुंचे। इसके बाद से सभी लोग कार सहित रहस्यमय तरीके से गायब थे। कानपुर से लेकर आगरा तक की पुलिस अपहरण की आशंका पर तलाश में जुटी थी। सर्विलांस से एक मोबाइल फोन की लोकेशन 27/28 जुलाई की रात जसवंतनगर क्षेत्र के दुधहा गांव के आसपास मिली थी।
शुक्रवार को इस पूरे मामले में जसवंतनगर थाना पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर अपहरण का मामला दर्ज किया। इसके बाद से थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर हाइवे पर परिवार की तलाश शुरू की।
शुक्रवार की देर शाम को पुलिस टीम ने सरायभूपत नहर पुल के पास मलूपुरा गांव के मार्ग पर बनी लोहे की रैलिंग को टूटा पाया। खोजबीन में पुलिस को वहां कार के कुछ पार्ट्स भी मिले। इसी आधार पर पुलिस ने शुक्रवार की रात को बलरई के पास स्थित नहर का पानी रुकवाया।
सभी छह लोगों के शव कार से बरामद
नहर में पानी कम होने के बाद शनिवार की सुबह पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों को बुलाकर नहर में खोजबीन कराई। खोजबीन में नहर के अंदर एक कार होने की पुष्टि हुई। जानकारी होते ही पुलिस के आला अफसर क्रेन व फायर ब्रिगेड टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नहर में पड़ी कार को बाहर निकालने का प्रयास शुरू कराया।
लापता लोगों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। सुबह करीब छह बजे कार को निकालने का अभियान शुरू हुआ। पांच घंटे की मशक्कत के बाद करीब 11 बजे पुलिस ने नहर से सफेद रंग की एक अल्टो कार बाहर निकाली।
कार से पुलिस ने कानपुर के लापता हुए सभी छह लोगों के शव बरामद किए। मौके पर मौजूद परिजनों ने कार व उसमें सवार लोगों की शिनाख्त की।
पुलिस ने इस मामले को बताया हादसा
शव निकलते ही परिजनों और मौके पर मौजूद लोगों में कोहराम मच गया। कार निकालने में हो रही देरी व पुलिस की कार्यशैली से गुस्साए इलाकाई लोगों ने नेशनल हाइवे पर सुबह करीब सवा नौ बजे जाम लगा दिया। एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने की कोशिश की। इस बीच पब्लिक की एसएसपी से झड़प भी हुई।
पब्लिक नहीं मानी तो पुलिस ने बल प्रयोग कर जाम लगाए लोगों को खदेड़ लिया और करीब एक घंटे बाद जाम खुल सका। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव उनके परिवारीजनों को सौंप दिए गए। एसएसपी दिनेश कुमार ने दुख जताते हुए इसे हादसा बताया। उन्होंने आशंका जताई की रात के वक्त नींद की झपकी आने से ड्राइवर कार से संतुलन खो बैठा और कार रेलिंग को तोड़ती हुई नहर में जा गिरी।
कार निकाले जाने के दौरान एएसपी ऋषिपाल सिंह, सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा, सीओ जसवंतनगर अनिल कुमार, एफएसओ एसजी शर्मा सहित सिविल लाइन, जसवंतनगर, वैदपुरा थानों का पुलिस फोर्स एवं क्यूआरटी के जवान व पीएसी बल तैनात रहा। सैकड़ों की संख्या में आसपास के लोगों की भीड़ भी मौके पर मौजूद रही।