सीतापुर। सिधौली में जनसभा कर मुख्यमंत्री भले ही चुनावी एजेंडे को धार दे गए हों, लेकिन इसके साथ वे 150 परियोजनाओं का शिलान्यास कर भारत सरकार की जल जीवन मिशन योजना को भी रफ्तार दे गए हैं। अब इस योजना के तहत के जिले के 1300 राजस्व गांवों में हर घर में जल पहुुंचेगा। पहले चरण में 150 ग्राम पंचायतों में टंकी से पानी पहुंचने की उम्मीदें बलवती होती दिख रही हैं। जल निगम ने इसके लिए कार्ययोजना तेज कर दी है।
अभी तक शहरों में पाइप लाइन बिछाकर टंकी से घर-घर पानी देने की व्यवस्था थी, लेकिन भारत सरकार ने शहरों की तर्ज पर गांवों में भी टंकी से पानी देने के लिए जल जीवन मिशन योजना 2020-21 में शुरू की थी। इस योजना के तहत गांव के लोगों को भी शहरियों की तरह स्वच्छ और ताजा पानी मिलेगा।
इसके तहत नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को शामिल करते हुए गांवों में पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अभी तक जिले में यह योजना रफ्तार नहीं पकड़ पा रही थी। कागजी कोरम पूरा किया जा रहा था। बुधवार को सिधौली में गांधी महाविद्यालय में जनसभा करने पहुंचे सीएम योगी ने 484.41 करोड़ रुपये की लागत से 167 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इसमें 150 परियोजनाओं के लिए 451.66 करोड़ से शिलान्यास किया। 17 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। सीएम ने सबसे ज्यादा फोकस गांव की जलापूर्ति को लेकर किया है, जो कि भारत सरकार की योजना है। जिन 150 परियोजनाओं का 451.66 करोड़ रुपये से शिलान्यास किया है, इसमें नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत जिले के 150 ग्राम पंचायतों में हर घर जल पहुंचाना है।
इन परियोजनाओं का शिलान्यास होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। जल निगम के एक्सईएन बताते हैं कि जिले में इस योजना के तहत 822 ग्राम पंचायतों के 1300 राजस्व गांवों में टंकी लगाकर पाइप लाइन के जरिये हर घर जल पहुंचाया जाएगा। पहले चरण में जिन 150 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है, वहां पर काम शुरू करने के लिए कार्ययोजना बनने लगी है। स्टीमेट बनाया जा रहा है।
पहले लघु सिंचाई विभाग के पास थी यह योजना
जानकार बताते हैं कि जब भारत सरकार ने मार्च 2020-21 में यह योजना शुरू की थी, तब यह लघु सिंचाई विभाग के पास थी, लेकिन अब सरकार ने इसे दो डिवीजन में बांट दिया है। एक नगरीय और दूसरा ग्रामीण। यह काम ग्रामीण डिवीजन के अधीन है। जल निगम ग्रामीण विभाग को हैंडओवर कर दिया गया है। इसकी मॉनीटरिंग भी लखनऊ से होनी है।
दिसंबर तक काम शुरू होने की उम्मीद
जल निगम से जुड़े जानकारों की माने तो परियोजनों का शिलान्यास होने के बाद अब काम में तेजी आएगी, लेकिन काम शुरू करने में अभी दो से तीन माह का समय लग सकता है। बताते हैं कि दिसंबर तक ग्राम पंचायतों में काम शुरू होने की उम्मीद है। इस योजना के तहत गांवों में जमीन चिह्नित कर स्टीमेट बनाने की जिम्मेेदारी एनसीटी, एलएंडटी एजेंसी को दी गई है। जानकार बताते हैं कि एजेंसी स्टीमेट बनाकर जल निगम ग्रामीण विभाग लखनऊ को रिपोर्ट देंगी। इसके बाद वहां से स्टीमेट पास होने पर काम शुरू होगा।
हैंडपंप से पानी भरने से मिलेगा छुटकारा
नगर पालिका और नगर पंचायतों में रहने वाले लोगों की तरह अब गांव के लोगों को भी जल जीवन मिशन योजना के तहत लाभ मिलेगा। इससे गांव के लोगों को भी हैंडपंप से पानी भरने की समस्या से निजात मिल जाएगी।
योजना के तहत ये होंगे काम
इस योजना के तहत गांवों में जमीन चिह्नित करने का काम शुरू हो चुका है। इसमें गांव के बाहर टंकी लगेगी। बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी। पाइप लाइन घरों तक पहुंचाई जाएगी। इससे लोगों को कनेक्शन दिए जाएंगे। जो लोग कनेक्शन लेंगे, पानी की टंकी घरों में उन्हें खुद ही लगानी पड़ेगी।
अभी 150 ग्राम पंचायतों के लिए शुरू होगी परियोजना
जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर जल पहुंचाया जाएगा। दो एजेंसियों को जिम्मेदारी मिली है। वह स्टीमेट बनाकर पास कराएंगी। जिले के 822 ग्राम पंचायतों के करीब 1300 राजस्व गांवों में योजना पहुंचाई जा रही है। अभी 150 ग्राम पंचायतों के लिए परियोजना की शुरुआत हो रही है। इसका शिलान्यास किया है। 822 ग्राम पंचायतों के लिए यह व्यवस्था अभी है। इसकी कार्ययोजना बनाई जा रही है।
- कमलेश सिंह, एक्सईएन जल निगम