लहरपुर क्षेत्र में नेवादा माइनर नहर पटरी कटने के बाद गांव में भरा पानी। - संवाद
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लहरपुर (सीतापुर)। लहरपुर में नहर कटने से करीब 35 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है। गांव के अंदर तक पानी पहुंच गया है। परेशान ग्रामीणों ने नहर विभाग से शिकायत की है। उसके बाद नहर विभाग ने पानी के बहाव को रुकवा दिया है। मरम्मत का काम काम शुरू कर दिया है।
26 दिसंबर को ग्रामीणों ने नेवादा गांव के सामने नहर में पानी का रिसाव होते देखा था। इसकी सूचना ग्रामीणों ने नहर विभाग को दी थी। नहर विभाग ने रिसाव वाले स्थान पर बोरियां लगा दी थी। लेकिन सोमवार देर रात को नहर नेवादा पुल के पास रिसाव वाले स्थान पर कट गई। इससे गांव के अंदर पानी भर गया। कई मकान पानी से घिर गए।
सोहेल के मकान में नहर का पानी घुस जाने से घर वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नहर से कट जाने से गांव के किसान गुड्डू का 10 बीघा गेहूं, मुजम्मिल का चार बीघा गेहूं, शोएब की एक बीघा लाही, नदीम की ढाई बीघा लाही, अयूब की चार बीघा लाही, मेहरुदिन का सात बीघा गेहूं सहित अन्य किसानों की करीब 35 बीघा फसल में पानी भर गया। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
किसानों का आरोप है कि नहर पुल के पूरब नहर की सफाई केवल खानापूर्ति के लिए की गई थी। जिसके कारण पानी आगे न जाने से दबाव के चलते नहर फट गई। अवर अभियंता लहरपुर माइनर शिवप्रताप ने बताया कि रिसाव की सूचना पर नहर पटरी को दुरुस्त करा दिया गया था। उसके बाद किसानों द्वारा अवैध सिंचाई करने के लिए नहर पटरी को क्षतिग्रस्त किया गया। जिसके चलते पानी बढ़ जाने पर नहर की पटरी फट गई है। पानी हेड से बंद करा दिया गया है। शीघ्र ही नहर पटरी की मरम्मत करा दी जाएगी।