तंबौर/लहरपुर (सीतापुर)। लखीमपुर के बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी से शारदा व सरयू नदियां उफना गई है। लहरपुर तहसील के ग्राम पंचायत सेतुही व रमुवापुर में शारदा नदी ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। यहां 16 गांवों के करीब 350 घरों में पानी घुस गया है। गांव के सभी संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। इसकी वजह से ग्रामीण नाव के सहारे एकजुट होकर बाजार, राशन व दवाइयां लेने जा रहे हैं। संपर्क मार्ग कटने से सरकारी अमला भी नहीं पहुंच पा रहा है। सरकारी नावें नदारद है। लोगों के सामने रहने व खाने का संकट खड़ा हो गया है।
मंगलवार को लखीमपुर बैराजों से 3.05 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी देर रात तक जिले में पहुंच जाएगा। इससे इन गांवों की हालत और अधिक खराब हो सकती है। लहरपुर तहसील की ग्राम पंचायत सेतुही शारदा नदी की दो धारों के बीच में बसी हुई है। इस ग्राम पंचायत के मजरे मीतमऊ, नईबस्ती, नकहा व परेवा है। ग्राम पंचायत रमुवापुर के मजर बरेला, बरक्षता, हनुमान सिंह पुरवा है।
इन गांवों के अंदर शारदा नदी का पानी पहुंच गया है। इससे ये गांव जलमग्न हो गए है। हालात खराब हैं। घरों में पानी पहुंचने से लोग पानी के बीच चारपाई डालकर रात गुजार रहे है। गांव में एक भी सूखा स्थान नहीं बचा है। इन गांवों के सभी संपर्क मार्ग भी जलमग्न हैं। ऐसे में ग्रामीणों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए अब मात्र एक ही सहारा नावें बची हैं।
जब प्रशासन की तरफ से ग्रामीणों को नावें नहीं मिली तो ग्रामीणों ने खुद की बनाई हुई नाव का सहारा लिया। इन नावें के जरिये वह बाजार, दवाई व अन्य जरूरी सामान खरीदकर ला रहे है। लहरपुर क्षेत्र के ग्राम सोनसरी, रमपुरवा, सुजाबाद, शेखनापुर, भदफर, खनियापुर, तेजवापुर व पट्टी दहेली में भी पानी पहुंच गया है।
इससे करीब 16 गांवों के करीब 350 घर पानी में डूब गए है। पशुओं के लिए अब चारे का भी संकट खड़ा होने लगा है। जीव जंतुओं के डर से अब ग्रामीण मवेशी घास चरने के लिए भी नहीं छोड़ रहे है। जबकि रजनापुर, शिवपुर, जनकपुर, रमुआपुर में भी पानी गांव के करीब आ गया है। इन गांवों के अंदर तो पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन संपर्क मार्ग पानी से जलमग्न हो गए है।
गांव नहीं पहुंच सके लेखपाल
सोमवार को बरक्षता, हनुमानसिंह पुरवा, मीतमऊ, नकहा व परेवा के हालात जानने के लिए लेखपाल अनिल विश्वकर्मा व श्रवण कुमार निकले। लेकिन संपर्क मार्गों पर पानी भरा होने से वह आगे नहीं जा सके। दोनों लेखपाल बरक्षता मार्ग पर ही खड़े होकर ग्रामीणों का हालचाल लेते रहे। लेखपालों ने बताया कि अब नाव के जरिये गांव तक पहुंचा जाएगा।
संपर्क मार्ग कटने से बढ़ीं मुश्किलें
हनुमान सिंहपुरवा निवासी गुड्डू सिंह ने बताया पानी से परेशानी बढ़ती जा रही है। हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। अब सबसे अधिक समस्या खाने पीने व बीमारों को अस्पताल ले जाने की है। बरक्षता निवासी अशोक सिंह ने बताते है कि तंबौर आने के लिए कई लोग जत्था बनाकर निकलते है। गांव जाने के लिए रजनापुर से जुड़ा संपर्क मार्ग भारी जलभराव से कट गया है। नदी की बीच धार में फंसे गांवों को अब आवागमन के लिए एकमात्र नाव का ही सहारा है। लेकिन कोई सरकारी नाव गांव नहीं पहुंची है।
बंधा कटने से खेतों में भरा पानी
नदियों का पानी अब तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। पानी के बीच में बन रहे अवरोध भी अब टूटने लगे है। बसंतापुर व कोल्हापुरवा के बीच एक बंधा बनाया गया था। इससे गांवों को कटान से बचाना था। लेकिन सोमवार को यह बंधा कट गया। इसकी वजह से आस पड़ोस के खेतों में पानी पहुंच गया है। अब पानी ने गांवों की ओर रुख कर दिया है। राहत की बात यह है कि इसके कटने की सूचना मिलने पर मरम्मत का काम शुरू हो गया है।
बाढ़ इलाके पर नजर रखी जा रही है। मैं खुद नाव से मीतमऊ पहुंचा हूं। तीन सरकारी नावों की व्यवस्था करवा दी गई है। अब राशन का भी इंतजाम कराया जाएगा।
- मदन मोहन वर्मा, तहसीलदार लहरपुर