सीतापुर। चौथे चरण के लिए जिले में 23 फरवरी को होने वाले मतदान में वाहनों की भारी कमी पड़ रही है। वाहनों को अधिग्रहीत करने के लिए वाहन स्वामियों को सूचना भेज दी गई है। इसके बाद भी मतदान में जितने वाहनों की जरूरत थी, वह पूरी नहीं हो रही थी।
ऐसे में सीतापुर को लखनऊ समेत चार जिलों से पोलिंग पार्टियां ले जाने के लिए बस व मिनी बस मिला कर लगभग नौ सौ वाहन आवंटित किए गए हैं। 20 फरवरी तक जिले में आ जाएंगे। जिले में पंजीकृत हल्के व्यवसायिक व निजी वाहनों को भी 17 से 20 फरवरी तक तय स्थान पर पहुंच कर वाहनों को अधिग्रहण कराने के आदेश जारी किए गए हैं।
2022 के विधानसभा चुनाव कराने के लिए करीब 4 हजार 5 सौ 14 वाहनों की जरूरत है। जिसमें सेक्टर मजिस्ट्रेट के लिए 325, उड़नदस्ता टीम व स्टेटिक टीम, स्टेटिक सर्विलांस टीम को 673 वाहनों की जरूरत पड़ेगी। इसके साथ ही पुलिस के प्रयोग के लिए 1038 हल्के वाहनों सहित कुल 1711 वाहनों की आवश्यकता पड़ रही है।
इसके साथ ही पोलिंग पार्टी ले जाने के लिए कुल 767 बस व मिनी बस की जरूरत पड़ रही है। जिले में मौजूदा समय में इतने वाहन न मिल पाने से पोलिंग पार्टी ले जाने के लिए डीएम द्वारा लखनऊ, शाहजहांपुर बहराइच, बाराबंकी बसों व मिनी बसों को मंगाया गया है। जिले में लखनऊ से 100 बसें, बाराबंकी से 101 बसें, बहराइच से 125, व शाहजहांपुर से 125 बसें आवंटित की गई हैं। आगामी 20 फरवरी को एआरटीओ को यह वाहन अधिग्रहीत हो जाएंगे।
किस विधानसभा में कितनी बसें
पोलिंग पार्टी ले जाने के लिए इस बार विधानसभा महोली में 87, सीतापुर में 105, हरगांव में 85, लहरपुर 98, बिसवां में 78, सेउता में 78, महमूदाबाद में 80, सिधौली में 77 व मिश्रिख में 71 बस व मिनी बस की जरूरत पड़ेगी।
वाहन न देने पर हो सकती कार्रवाई
एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण ने बताया कि सभी वाहन स्वामियों को निर्धारित समय और तारीख व स्थल पर वाहन उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया गया है। अगर कोई वाहन स्वामी वाहन उपलब्ध नहीं कराता है तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। एआटीओ प्रशासन माला बाजपेई ने बताया कि जो भी वाहन स्वामी वाहन उपलब्ध नहीं कराता है उसके वाहन का पंजीयन निरस्त किया जाएगा साथ ही परमिट निरस्त करने की भी संस्तुति की जाएगी।