बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी से घाघरा नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। रेउसा व रामपुर मथुरा क्षेत्र में घाघरा नदी कहर बरपा रही है। कोनी व फौजदार पुरवा गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। जबकि तटीय क्षेत्र के आठ गांवों की तरफ घाघरा नदी का पानी बढ़ रहा है।
तटीय क्षेत्र में बसने वाले ग्रामीणों की धडक़नें तेज होती जा रही हैं। लोग अपने घरों का सामान समेटकर सुरक्षित ठिकानों का रुख कर रहे हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने के लिए अभी प्रशासन की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है। शनिवार को भी घाघरा नदी में सवा दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
रेउसा क्षेत्र के कोनी गांव के करीब पहुंचा पानी घटने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की रात यहां जलस्तर में तेजी से इजाफा हुआ है। बाढ़ के पानी से घिरे इस गांव में इंसान से लेकर पालतू जानवरों तक को दिक्कतें हो रही हैं। वहीं घरेलू सामान की खरीददारी के लिए भी ग्रामीणों को नाव के सहारे गांव से बाहर आना पड़ता है।
फौजदार पुरवा गांव भी बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गया है। यहां भी ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिसैया बाजार व चंद्रभाल पुरवा के निकट नालों में पानी बढ़ रहा है। जैतहिया, गोडिन पुरवा, निर्मल पुरवा, नगीना पुरवा आदि गांव बाढ़ के मुहाने पर खड़े हैं।
ग्रामीणों ने निकट की सड़कों पर डेरा डालना शुरू कर दिया है। रामपुर मथुरा के अंगरौरा, पंडित पुरवा, शुक्लन पुरवा, नया गांव, कनरखी आदि गांवों पर बाढ़ का संकट मंडरा रहा है। उधर, घाघरा व शारदा बैराज से 214314 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।