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नैमिषारण्य से खो गई अष्ट कोसीय आरती की मधुर ध्वनि

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नैमिषारण्य में चक्रतीर्थ के पास लगे लाउडस्पीकर खराब पड़े। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
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नैमिषारण्य/ सीतापुर। नैमिषारण्य की महत्ता व अष्ट कोसीय आरती की हर गली मोहल्लों में गूंजने वाली मधुर ध्वनि अब नैमिषारण्य से गायब हो गई है। कारण, वर्ष 2016 में लाउडस्पीकर के जरिए अष्ट कोसीय आरती के प्रसारण की शुरू हुई पहल, अब बंद हो चुकी है। इसके लिए लगे लाउडस्पीकर रख रखाव के अभाव में बंद हो गए है। इससे अब जब भी आरती होती है तो वह चक्रतीर्थ तक ही सिमट कर रह जाती है।
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लाउडस्पीकर के जरिये बजने वाले भजन की ध्वनि भी नैमिषारण्य में सुनाई नहीं दे रही है। श्रद्धालुओं ने यह पहल फिर से शुरू करने की मांग की है। वर्ष 2016 में नैमिष तीर्थ में पर्यटकों को धार्मिकता के एक अलग ही रंग का अहसास कराने के लिए तत्कालीन डीएम अमृत त्रिपाठी कीपहल में चक्रतीर्थ से ललिता देवी मंदिर होते हुए प्राइवेट बस स्टैंड तक लाखों रुपये की लागत से 75 लाउडस्पीकर व आवश्यक उपकरण लगाए गए थे। जिनका संचालक चक्रतीर्थ गेट पर बने कार्यालय से होता था।
जिसके लिए चक्रतीर्थ पर कार्यरत एक व्यक्ति को जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। इस नई सुविधा के जरिए नैमिषारण्य में सुबह व शाम के समय मंत्रोच्चार भजन व प्रवचन बजाकर एक अलग ही धार्मिक माहौल पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करने की अच्छी पहल की गई थी। लेकिन कुछ समय बाद ही डीएम अमृत त्रिपाठी के ट्रांसफर व प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद रखरखाव के अभाव में यह पहल बीती बात हो चली। इन स्पीकर्स से जहां तीर्थ की अष्टकोणीय महाआरती की मनमोहक धुन पूरे नैमिष में गूंजती थी।
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वहीं इस सुविधा से मेले की स्थिति में खोया पाया केंद्र संचालन के साथ ही किसी भी प्रकार की आवश्यक सूचना भी प्रसारित की जा सकती थी। कुछ ही दिन बाद देखरेख के अभाव में इन लाउडस्पीकर्स में खराबी का दौर शुरू हुआ। जिसे नैमिष महोत्सव के दौरान डीएम की सख्ती के चलते कामचलाऊ तरीके से दुरुस्त भी कराया गया। अब लगातार अनदेखी के चलते कुछ जगह इनके तार दिखते हैं, पर कई जगह तो लाउडस्पीकर भी गायब है।
चक्रतीर्थ की सुरक्षा में लगा सीसीटीवी है खराब
चक्रतीर्थ परिसर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से वर्ष 2019 में एक श्रद्धालु व्यवसायी ने दान स्वरूप चार कैमरे लगवाए थे, जो आज रखरखाव न होने की चलते खराब हो गए हैं। चक्रतीर्थ गेट पर लगी एलईडी भी खराब पड़ी है। जिसके बाद से यह कैमरे बंद पड़े हैं। चक्रतीर्थ पर अमावस्या सहित अन्य धार्मिक अवसरों पर भारी भीड़ जुटती है। यहां आए दिन वीआईपी लोगों का आवागमन लगा रहता है। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी की भूमिका अहम रहती है। श्रद्धालु राजेश चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने तीर्थ पर कैमरों को लगवाया था। लेकिन इनका ध्यान नहीं रखा गया।
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फिर शुरू हो सुविधा
इन लाउडस्पीकर के माध्यम से धीमी धुन में हर शाम चक्रतीर्थ की आरती भजन व प्रवचन सुनकर एक अच्छा एहसास होता था, यह सुविधा फिर से शुरू होनी चाहिए।
घनश्याम अग्रवाल, व्यवसायी।
अच्छा था संदेश
पर्यटकों को तीर्थ में एक अच्छा संदेश देने के लिए यह एक सराहनीय प्रयास था। आज इस सुविधा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
राकेश दीक्षित, सभासद, नगर पालिका मिश्रिख नैमिष।
नहीं है जानकारी
लाउडस्पीकर की संख्या के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं हैं। सभी लाउडस्पीकर को खुलवाकर सही करवाए जाएंगे। सीसीटीवी भी सही करवाए जाएंगे, जल्द चालू होंगे।
गिरीश झा, एसडीएम मिश्रिख।
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