सीतापुर। महमूदाबाद में किसान सहकारी चीनी मिल की मशीनें पांच दिनों में ही हांफ गईं। पणिामस्वरूप मंगलवार और बुधवार को पेराई सुचारु रूप से शुरू नहीं हो पाई। गन्ना तौल कराने के लिए सैकड़ों किसान मिल गेट पर सर्द रात में इंतजार करते रहे। पेराई सत्र शुरू होने के महज पांच दिन में मशीनों में खराबी आ गई। तकनीकी खराबी से सहकारी मिल न चलने के कारण जिला गन्ना अधिकारी ने बुधवार को निरीक्षण किया। हांलाकि, बुधवार शाम को मिल सुचारु रूप से चलने का दावा अधिकारी कर रहे हैं।
सहकारी चीनी मिल महमूदाबाद के पेराई सत्र का 29 नवंबर को हवन-पूजन के साथ शुभारंभ किया गया था। प्रबंधतंत्र ने दो दिसंबर से पेराई शुरू किए जाने की बात कही थी। लेकिन तय समय पर पर्याप्त गन्ना नहीं मिलने से मिल चालू नहीं की जा सकी। बताया जाता है कि तीन दिसंबर की सायं करीब 4 बजे मिल चालू की गई तो मशीनें दगा दे गईं। कुछ देर चलने के बाद मिल फिर बंद हो गई। इससे मिल गेट पर तौल रोक दी गई। कैन कैरियर में करीब 37 सौ क्विंटल गन्ना डंप हो गया। जबकि बाहर सैकड़ो की संख्या में ट्रैक्टर-ट्राॅली व बैलगाड़ियों की लाइन लग गई।
बुधवार की सुबह करीब 11 बजे मिल फिर चलाई गई लेकिन फिर तकनीकी खराबी आ गई। एक बार फिर तौल फिर बाधित हो गई। किसान दिनेश चंद्र ने बताया कि मंगलवार को दोपहर एक बजे गन्ना लेकर आए थे, लेकिन बुधवार की दोपहर तक तौल नहीं हो सकी। अधिकारी कह रहे हैं कि गन्ना डंप है, मिल नहीं चल रही है। किसान रजनीश कुमार ने बताया कि मंगलवार को तीन बजे गन्ना लेकर आए थे, तौल नहीं हो सकी।
किसान फरमान ने बताया कि मंगलवार को 11 बजे चीनी मिल गन्ना लेकर आए थे। पूरी रात ठंड में ठिठुरते रहे, बुधवार की सुबह 11 बजे तक तौल नहीं हो सकी है। किसान शिव प्रकाश ने बताया बुधवार की भोर तीन बजे आए थे। भूखे-प्यासे खड़े हैं, तौल नहीं हो रही। बताया जा रहा है कि गन्ना अंदर डंप हो चुका है। उधर, जिला गन्ना अधिकारी ने बुधवार की दोपहर सहकारी चीनी मिल का निरीक्षण किया। प्रबंधन को जरूरी दिशा निर्देश दिए। बुधवार दोपहर बाद से मिल सुचारु रूप से चलने का दावा अधिकारी कर रहे हैं।
सुचारु रूप से चल रही मिल, जीएम को दिए निर्देश
सहकारी चीनी मिल महमूदाबाद का निरीक्षण किया गया। पंप में कुछ तकनीकी खराबी आने के कारण मिल करीब एक घंटे बंद रही। बाद में पुनः चालू हो गई। मिल के जीएम अनिल चतुर्वेदी को तकनीकी खराबी तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को स्वच्छ जल, शौचालय, विश्रामालय, ठंड बढ़ने पर अलाव की व्यवस्था के अलावा गन्ना लाने वाले ट्रैक्टर-ट्राॅली व ट्रकों पर रिफ्लेक्टर लगवाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
- रत्नेश्वर त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी