रेउसा/रामपुर मथुरा। रेउसा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय चहलारी तक पानी पहुंच गया है। बाउंड्रीवाल चारों तरफ से पानी से घिर गई है। अब स्कूल पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। उधर, बिसवां व महमूदाबाद तहसील के करीब 50 गांवों में पानी भरने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। गांव से बाहर निकलने के लिए प्रशासन की तरफ से नावें तक नहीं दी गई है। इससे लोगों को किराए की नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
बिसवां तहसील में बह रही शारदा व सरयू नदी उफना गई है। इसकी वजह से ग्राम पंचायत म्योढ़ी छोलहा के श्रीरामपुरवा, भदेमरपुरवा, गोडियनपुरवा, धूसपुरवा, कहारनपुरवा, आशारामपुरवा, निर्मलपुरवा, दुर्गापुरवा, रामलालपुरवा, लोधपुरवा, गार्गीपुरवा, लालापुरवा, संभारीपुरवा, सुकईपुरवा, श्यामनगर, मरेली, जैतहिया, सलामतपुरवा व जिन्नापुरवा में बाढ़ का पानी घुस गया है। घरों के अंदर पानी भरने से उनके सामने भोजन पकाने के लिए लकड़ी का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है।
ठेकेदारपुरवा, चहलारी, राजापुर, गोडिय़नपुरवा, बारिनपुरवा, जैतहिया, पासिनपुरवा, परमेश्वरपुरवा, दर्जिनरेती व जंगलटपरी बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन गांवों में अभी तक नावें नहीं दी गई हैं। मंगलवार को चहलारीपुरवा, राजापुर, बारिनपुरवा में लोग किराए की नाव से आते-जाते हुए दिखाई दिए। ग्रामीण बोले दो से तीन रुपये किराया देकर गांव से बाहर बाजार जाने के लिए निकले है।
अब वापस जाएंगे तब फिर से किराया देना पड़ेगा। अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई भी नाव नहीं दी गई है। इसके अलावा कुसमौरा से ठेनुहा त्यागी जी महराज मोड़ पर पानी आ गया है। जंगलटपरी व जिन्नापुरवा मार्ग पर पानी चल रहा है।
बसंतापुर से दुर्गापुरवा मार्ग पर पानी होने से आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। मंगलवार को जलस्तर स्थिर है। इससे गांवों में पहले की तरफ पानी भरा हुआ है। महमूदाबाद तहसील के केवड़ा, बगस्ती, अर्जुनपुरवा, हरीपुरवा, बंगालीपुरवा, कनरखी, अंगरौरा, अखरी, मिश्रनपुरवा सहित अन्य गांवों में पानी भरा हुआ है। तहसीलदार बिसवां अभिचल प्रताप सिंह ने बताया कि पानी पर नजर बनाए रखी जा रही है। पीड़ितों को मदद पहुंचाई जा रही है।