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बिना सूचना बंद कर दी क्रॉसिंग, रात भर भटके राहगीर

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सीतापुर। सफर के दौरान नेशनल हाईवे की बदहाली से जूझ रहे लोगों की मुश्किलें शुक्रवार की रात रेलवे की मनमानी से और बढ़ गईं। बिना किसी सूचना के सीतापुर-महोली के बीच पड़ने वाली हेमपुर रेलवे क्रॉसिंग को शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार की सुबह तक के लिए बंद कर दिया। इससे हाईवे पर जाने वाले राहगीरों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। रास्ता बंद होने से रात भर लोग भटकते रहे।
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ऊबड़-खाबड़ रास्तों से निकलने में भी दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। सुबह होने पर क्रॉसिंग तो खोल दी गई पर हेमपुर चौराहे के आगे मोड़ पर एक ट्रक दलदल में फंस गया। ऐसे में करीब तीन से चार घंटे तक करीब पांच किमी. तक हाईवे जाम होने से लोगों को और परेशानियों का सामना करना पड़ा। दरअसल सीतापुर से बरेली तक हाईवे का चौड़ीकरण कर फोरलेन बनाने का काम वर्ष 2009 से चल रहा है, लेकिन कई सालों तक काम करने के बाद एरा कंपनी के दीवालिया घोषित होने पर अन्य कंपनियों को चौड़ीकरण का टेंडर मिला है। यह कंपनियां निर्माण कार्य कर रही हैं। सीतापुर से महोली के बीच हाईवे की बदहाल सूरत किसी से छिपी नहीं है।
शुक्रवार की रात बिना किसी सूचना के रेलवे ने रात 9 बजे के बाद हेमपुर रेलवे क्रॉसिंग को बंद कर दिया। यह हाईवे सीधा देश और प्रदेश की राजधानी को जोड़ता है। रोजाना हजारों की संख्या में ट्रक, बस, कार, बाइकें गुजरती हैं। एकाएक रेलवे क्रॉसिंग बंद होने की वजह से लोगों का आवागमन ठप हो गया। वह रात भर इधर-उधर भटकते रहे। आसपास के लोगों से जानकारियां जुटाकर दूसरे रास्तों से जाने की कोशिश की, लेकिन रात में वहां भी वह घंटों तक फंसे रहे। राहगीरों को कोई सही जानकारी देने वाला भी नहीं था।
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बाकी रही कसर सुबह पूरी हो गई। बताते हैं कि सुबह रेलवे की क्रॉसिंग तो खुल गई, लेकिन 11:30 बजे के करीब ट्रेन आने की वजह से फाटक बंद किया गया था। जिला मुख्यालय की ओर से आ रहा एक ओवरलोड ट्रक मोड़ के पास दलदल में फंस गया। कुछ देर बाद क्रॉसिंग खुल गई, लेकिन ट्रक का अगला हिस्सा सड़क और पिछला हिस्सा दलदल में होने की वजह से किसी भी ओर अन्य वाहनों को निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था।
दोनों ओर के वाहन फंस गए। देखते ही देखते लंबा जाम लग गया। करीब पांच किमी. तक लंबा जमा लगा रहा। फाटक के उस ओर रिछाही के पीछे तक जाम लग गया, जबकि फाटक के इस ओर नेरी से कटीली तक ट्रक, बस और कारों की लंबी कतार लग गई। लोग जाम में फंसकर घंटो तक परेशान होते रहे। जाम में फंसे लोग करीब चार घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसकर जूझते रहे। काफी मशक्कत के बाद जाम खुल सका।
बिना किसी सूचना के रेलवे क्रॉसिंग बंद कर पटरी बिछाने का काम करने वाले रेलवे के जिम्मेदारों की ओर से फाटक के दोनों ओर बड़े-बड़े लंबे पत्थरों को डाल दिया गया, जिससे वाहन फाटक तक नहीं पहुंच सके। फाटक के ओर झाले के पास पत्थर डाले गए थे, जबकि महोली की ओर से आने पर पचपोखरा गांव को जाने वाले रास्ते से थोड़ा आगे एक होटल के पास पत्थर डालकर रास्ता बंद कर दिया गया था। ऐसे में लोगों को पीछे जाकर दूसरा रास्ता पकड़ना पड़ा या फिर वापस लौट गए। रात भर यही सिलसिला चलता रहा।
हेमपुर रेलवे क्रॉसिंग बंद होने की वजह से लोगों को आने-जाने के लिए विकल्प के तौर पर दूसरा रास्ता पकड़ना पड़ा। हेमपुर चौराहे से यू टर्न होकर मढ़िया गांव होते हुए चमखर गांव से पचपोखरा होकर हाईवे पर पहुंचने का एकमात्र रास्ता था। इसी तरह से महोली से आने वाले लोगों के सामने भी यही रास्ता था। जानकारी करने के बाद लोगों ने यह रास्ता पकड़ा तो, लेकिन रास्ता संकरा होने की वजह से काफी दिक्कतें हुईं। सामने से दूसरा वाहन आने पर घंटों तक लोग अपना वाहन नहीं निकाल पा रहे थे। बड़े वाहन जा भी नहीं पा रहे थे। कार और एंबुलेंस, मिनी बसें ही निकल पा रहीं थी। ऐसे में इस रास्ते पर भी लोग खूब परेशान हुए।
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