सीतापुर। सीतापुर सिटी से सीतापुर जंक्शन के बीच बने दोहरे रेलवे ट्रैक पर मंगलवार को स्पेशल ट्रेन 110 किमी प्रतिघंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ी। इसके साथ ही गति परीक्षण सफल रहा। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग ने चार किलोमीटर लंबे ट्रैक पर 25 हजार वोल्ट एसी क्षमता की नई विद्युत लाइन का भी परीक्षण किया।
पूर्वाेत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की ओर से लगातार यात्री सुविधाओं के लिए निर्माण कार्य जारी है। रेलवे परिचालन की सुगमता के लिए मूलभूत ढांचे में विस्तार किया जा रहा है। इसके क्रम में ही सीतापुर जंक्शन से सीतापुर सिटी स्टेशनों के बीच चार किलोमीटर रेल खंड का दोहरीकरण किया गया है।
मंगलवार को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग और पूर्वाेत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) एससी श्रीवास्तव व उनकी टीम जिले में पहुंची। संरक्षा आयुक्त ने सबसे पहले सीतापुर सिटी (उत्तर रेलवे) पर दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत रेल खंड पर मानक के अनुरूप सुरक्षा अभिलेखों, यार्ड प्लान, स्टेशन वर्किंग रूल, प्लेटफार्म क्लियरेंस, पॉइंट क्रासिंग, सिग्नलिंग, बर्थिंग ट्रैक बैलास्ट व अन्य तकनीकी कार्य की संरक्षा परखी।
इसके बाद वह टीम के साथ 11 बजे मोटर ट्राॅली से सीतापुर सिटी की तरफ से जंक्शन के लिए रवाना हुए। उनकी टीम ने स्टेशनों के बीच पड़ने वाले स्टेशन यार्ड पर पॉइंट व क्रॉसिंग, 52 सी समपार, एसईजे संख्या-50, मेजर ब्रिज संख्या-65 , कर्व संख्या 34, माइनर ब्रिज 139, कर्व संख्या 32, समपार संख्या 93, स्टेशन यार्ड एवं पॉइंट एवं क्रॉसिंग का निरीक्षण किया। जंक्शन पहुंचकर संरक्षा आयुक्त ने पैनल रूम, यार्ड प्लान, स्टेशन वर्किंग रूल, प्लेटफार्म क्लियरेंस, सिगनलिंग, ओवर हेड ट्रैक्शन की ऊंचाई को देखा।
यहां निरीक्षण के बाद वह दोहरीकृत ट्रैक पर सीआरएस स्पेशल से 110 किमी प्रति घंटे की गति से तप्पा खजुरिया-सीतापुर सिटी-सीतापुर जंक्शन स्टेशनों के मध्य चलाई गई। जो कि सफल रहा। इस दौरान मुख्य विद्युत इंजीनियर व निर्माण ओपी सिंह , मुख्य सिग्नल इंजीनियर ज्ञान प्रकाश नारायण, मुख्य इंजीनियर, संदीप कुमार तथा लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक आदित्य कुमार व अन्य रेल अधिकारी मौजूद रहे।