सीतापुर। खेती के लिए चर्चा में रहने वाली जिला कारागार ने फिर एक बार कमाल कर दिखाया है। प्रदेश स्तर पर होने वाली फल, शाकाहारी और पुष्प प्रदर्शनी में कारागार ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। लखनऊ के राजभवन में हुई इस प्रतियोगिता में सीतापुर कारागार ने चल बैजंती भी अपने नाम की है। प्रतियोगिता में सब्जियों की अलग-अलग किस्मों को प्रदर्शित किया गया था। 14 प्रकार की सब्जियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान मिला है।
तीन दिन चली इस प्रतियोगिता में पुरस्कार वितरण राज्यपाल ने किया। जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि चार से छह मार्च को लखनऊ के राजभवन में प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था। जिसमें प्रदेश के सभी जिलों ने प्रतिभाग किया था। चल बैजन्ती के साथ टीम को 11 हजार का चेक दिया गया। प्रत्येक दिन तीन घंटे की प्रतियोगिता हुई, जिसमें 67 प्लेटों में अलग-अलग प्रकार की सब्जियों की किस्में प्रदर्शित की गई थी। उनमें 14 प्रकार की किस्मों में पुरस्कार मिला है।
पांच प्रकार की सब्जियों को प्रथम, चार प्रकार की सब्जियों को द्वितीय और पांच प्रकार की सब्जियों को तृतीय स्थान मिला है। उन्होंने बताया कि उनकी टीम में प्रभारी जेलर धनंजय सिंह, डिप्टी जेलर ओमाकार पांडेय, हेड वाडर सुरेंद्र चंद्र रावत, जेल वाडर विजय नारायण, चिंतामणि तिवारी, अमित तोमर आदि मौजूद रहे।
डाली ने झटकी चल बैजंती
प्रतियोगिता में डाली ने चल बैजन्ती पुरस्कार प्राप्त किया। 125 सेमी व्यास के साथ छह फिट ऊंची डाली में 57 आइटम लगे थे। काफी मेहनत कर जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह की टीम ने डाली को तैयार किया। इसमें लगी सब्जियों की कीमत बाजार में 10 हजार की बताई गई।
इन किस्मों को मिला पुरस्कार
प्रथम - गांठ गोभी, रतालू (घुईंया की किस्म), सेम, बंद गोभी, डाली।
द्वितीय - फूल गोभी, विलायती गाजर, टमाटर, चुकंदर।
तृतीय - मटर, बंद गोभी, आलू (सफेद), रतालू (याम), फूल गोभी।
सबसे अधिक पैदा होता है आलू
जेल अधीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि कारागार में सबसे अधिक आलू की पैदावार होती है। इसके अलावा हर प्रकार की सब्जी यहां उगाई जाती हैं। सब्जियों को लखीमपुर खीरी, लखनऊ, हरदोई आदि जनपदों में भी भेजा जाता है।