सीतापुर। पहाड़ों पर बारिश और बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी से सरयू और शारदा नदी उफान पर हैं। सरयू का जलस्तर 24 घंटे में करीब 30 सेमी बढ़ा है। शारदा का जलस्तर फिलहाल स्थिर है। मंगलवार को बैराजों से 1.32 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिले में यह पानी पहुंचने से गांजर के लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जिले के रामपुर मथुरा, रेउसा और तंबौर क्षेत्र से होकर बहने वाली सरयू व शारदा नदियां हर साल तबाही मचाती हैं। इस बार भी कई दिन से नदियों के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। सरयू नदी का पानी मंगलवार को खतरे के निशान से 2.13 मीटर नीचे बह रहा है। जबकि सोमवार को जलस्तर खतरे के निशान से 2.43 मीटर नीचे था। 24 घंटे में पानी करीब 30 सेमी बढ़ा है। शारदा नदी खतरे के निशान से 1.09 मीटर नीचे बह रही है। 24 घंटे से शारदा का जलस्तर स्थिर है। ग्रामीणों के सामने बाढ़ जैसी अभी कोई समस्या नहीं है, लेकिन बैराजों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी बेचैनी बढ़ा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा रोजाना बढ़ रही है। यह पानी कब नदियों में उफान ले आए कुछ कहा नहीं जा सकता है।
फसल के नुकसान की सता रही चिंता
रामपुर मथुरा। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाके में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इससे लोग अपनी गृहस्थी और जानवर सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचा रहे हैं, लेकिन खेतों में लगी फसलों के नुकसान की चिंता उन्हें सता रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ आने पर सबसे पहले खेत जलमग्न होते हैं। ऐसे में फसलें बर्बाद हो जाती हैं। धनीराम ने बताया कि मक्का की फसल लगभग पककर तैयार है। बाढ़ से पहले फसल काटने का प्रयास कर रहे हैं। मुंशी ने बताया कि अभी कुछ फसल पूरी तरह से पकी नहीं है। अभी काटने से नुकसान की संभावना है, लेकिन बाढ़ आने पर सारी फसल बर्बाद हो जाएगी। इसलिए काटना ही बेहतर है।
सरयू में उफान से 20 गांवों के लोग सहमे
रेउसा। सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखकर मेवड़ी छोलहा, श्रीरामपुरवा, गोड़ियन पुरवा, मरैली, पासिन पुरवा, दुर्गा पुरवा, धूसपुरवा, गार्गीपुवा, नगीना पुरवा, दरजिन रेती, रंडा कोंडर समेत 20 तटवर्ती गांवों के लोग सहमे हुए हैं। बलराम, सुनील, लाल सिंह, ब्रजेश आदि ने बताया कि पहले नदी में दूर-दूर तक रेत के टीले नजर आ रहे थे। जलस्तर बढ़ने से अब हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। त्यागी महाराज की कुटी से मात्र 250 मीटर दूरी पर लहरें हिलोरे मार रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, इसी गति से पानी बढ़ता रहा तो किसी भी समय हालात बिगड़ सकते हैं। वहीं, बिसवां तहसीलदार ने बताया कि जलस्तर अभी सामान्य है। क्षेत्रीय लेखपाल लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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कर्मचारी कर रहे निगरानी
बैराजों से छोड़े जा रहे पानी का नदियों के जलस्तर पर कोई ज्यादा प्रभाव नहीं है। सरयू का जलस्तर सामान्य है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को प्रतिदिन निगरानी के लिए निर्देशित किया गया है।
- उमाशंकर त्रिपाठी, तहसीलदार महमूदाबाद