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Sitapur News: उफान पर नदियां, खतरे के निशान के करीब सरयू

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बाढ़ के पानी से गुजरते लोग। - फोटो : बाढ़ के पानी से गुजरते लोग।
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी और लगातार बारिश से सरयू, शारदा और गोमती नदी उफान पर हैं। तटवर्ती इलाके बाढ़ की चपेट में आने से लोगाें के घरों में पानी भर गया है। घर छोड़कर लोग सुरक्षित ठिकाने पर शरण ले रहे हैं। रास्तों पर बाढ़ का पानी भरने से आवागमन के लिए नाव चलाई जा रही हैं। सैकड़ों बीघा फसलें बाढ़ के पानी में डूबी हैं। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 119 मीटर से महज 20 सेमी दूर है। शुक्रवार को जलस्तर 118.80 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, तीनों बैराजों से शुक्रवार को 3.53 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। लगातार बारिश का दौर भी जारी है। इससे हालात और बिगड़ने का डर लोगों को सता रहा है।
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सरयू का पानी लगातार बाहर निकलकर बाढ़ का दायरा बढ़ा रहा है। घरों में पानी भरने से बाढ़ पीड़ित अपनी गृहस्थी लेकर तटबंध पर अस्थाई ठिकाना बना रहे हैं। बाबाकुटी, अंगरौरा, अखरी, फतेपुरवा, प्यारेपुरवा, दुबेपुरवा, मिश्रणपुरवा, जगरूपपुरवा, कुंभरौडा, कटुआघाट, रामरूपपुरवा, सुंदरपुरवा, रानीगंज, निरंजनपुरवा, सुंदरपुरवा, सोतीपुरवा, खरगीपुरवा, बंगालीपुरवा व कनरखी समेत करीब 45 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। अखरी, अंगरौरा, प्यारेपुरवा व बाबाकुटी के भजनी, फूलचंद्र, बेलदार, रामू, शंकर, टहलू, मनीराम, कैलाश गजराज व सत्यवान के घरों में पानी भरा होने के कारण ये लोग तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। इन गांवों के रास्ते बाढ़ की चपेट में होने से आवागमन प्रभावित है।
रामू, सत्यवान, गजराज, मनीराम, टहलू व शंकर का कहना है कि हम लोग आश्रय स्थल दूर होने के कारण वहां नहीं जाना चाहते, हम तटबंध पर ही रहेंगे। यहां रहने से घर व जानवरों की देखरेख भी हो सकती है। इन लोगों ने बताया कि तहसील या ब्लॉक प्रशासन से अभी तक लंच पैकेट, राशन व तिरपाल जैसी कोई भी सहायता नहीं मिली है।
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