सीतापुर। राघवेंद्र हत्याकांड के शूटरों संजय तिवारी व राजू तिवारी को ढेर करने में एसओजी टीम के प्रभारी सत्येंद्र विक्रम सिंह की अहम भूमिका रही।
स्ट्राइक टीम में शामिल सत्येंंद्र विक्रम सिंह ने जवाबी कार्रवाई में शूटरों पर गोली चलाई। इनकी गोली ही सबसे पहले शूटर संजय को लगी। इसके बाद संजय का भाई राजू भी पुलिस की गोली लगने से घायल हुआ।
इस एनकाउंटर में अहम भूमिका निभाने वाले सत्येंद्र विक्रम सिंह की सीतापुर में यह 56वीं मुठभेड़ रही। जनपद में अक्तूबर 2021 में तैनाती के बाद से अब तक सत्येंद्र 76 अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुके हैं। उन्हें डीजी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर सम्मान के साथ सीतापुर के कार्यकाल में पंद्रह प्रशस्ति पत्र मिल चुके हैं।
तीन साल लखनऊ एसटीएफ का रहे अहम हिस्सा : सत्येंद्र विक्रम सिंह की पहली पोस्टिंग आजमगढ़ जनपद में रही। वर्ष 2018 में उनका चयन स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) की लखनऊ टीम में हुआ। वह अक्तूबर 2021 तक एसटीएफ लखनऊ टीम का अहम हिस्सा रहे। अपने अचूक निशाने के लिए खास पहचान रखने वाले सत्येंद्र ने प्रमोद मिश्रा व डी के शाही के साथ काम किया।
सत्येंद्र विक्रम जुलाई 2020 में 50 हजार के इनामी पन्नालाल यादव, वर्ष 2020 में मुख्तार अंसारी के खास शूटर व कृष्णानंद राय हत्याकांड के आरोपी राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पांडेय और जलेश्वर हत्याकांड के आरोपी एक लाख के इनामी बदमाश हरीश पासवान संग एसटीएफ टीम की मुठभेड़ का अहम हिस्सा रहे। वर्तमान में वह सीतापुर की स्वाट, सर्विलांस व नारकोटिक्स टीम तीनों के प्रभारी हैं।
उनके खाते में वर्ष 2022 में रामपुर कलां में ग्राहक सेवा केंद्र संचालक संग लूट, तालगांव सामूहिक दुष्कर्म कांड, पासर गिरोह, गोकशी गिरोह व अन्य संगठित अपराध में शामिल अपराधियों को पकड़ने की विशेष उपलब्धियां रही हैं।