सीतापुर। जिले में आंधी-बारिश से करीब 700 गांवों की बिजली गुल है। एक दिन बाद भी सप्लाई बहाल नहीं हो सकी है। घरों में रखे उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। उद्योग-धंधे ठप पड़े हैं। इस भीषण गर्मी में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। पावर कॉर्पोरेशन ने शहर की सप्लाई बहाल कर दी है, लेकिन गांवों में अंधेरा छाया हुआ है। आंधी में जिले में 300 से अधिक बिजली के खंभे गिरने से आपूर्ति लड़खड़ा गई है।
जिले में बुधवार को आई आंधी से पावर कॉर्पोरेशन को काफी नुकसान पहुंचा है। पूरे जिले में 300 से अधिक बिजली के खंभे गिर गए है। इसकी वजह से बिजली सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई है। शहर में गुरुवार को दिनभर बिजली आती-जाती रही। ट्रिपिंग होने से लोगों को काफी दुश्वारियां उठानी पड़ी। पिसावां संवाद के अनुसार 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गई।
नेरी, बरगावां व पिसावां के करीब तीन सौ गांवों की बिजली सप्लाई बंद चल रही है। 24 घंटे बीत जाने के बाद अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। अवर अभियंता लक्ष्मी नारायण ने बताया पेट्रोलिंग चल रही है। महमूदाबाद संवाद के अनुसार अधिशाषी अभियंता आनंद प्रकाश वर्मा ने बताया रेउसा, सांडा, देवरिया व महमूदाबाद ग्रामीण इलाके में 135 पोल गिए गए है। 80 गांवों में सप्लाई बाधित चल रही है।
इन गांवों की लाइनों को दुरुस्त करवाया जा रहा है। खैराबाद संवाद के अनुसार हुसैनगंज, खैराबाद, बरई जलालपुर से सप्लाई होनी वाली लाइन के तार कई जगहों पर टूट गए है। 100 से अधिक गांवों की बिजली सप्लाई बंद चल रही है। दतेली, आमखेरा, रहिमाबाद, असोढऱ, बिशुनपुर, शंकरपुर, बिनौरा, धरैचा आदि गांव के निवासी कल्लन सिंह, पुतान, रामखेलावन, कमाल व अनिल आदि का कहना है इससे पहले आई आंधी के बाद कई दिनों बाद बिजली आ पाई थी। इस बार कितने दिनों बाद आएगी यह पता नहीं है।
जेई रमेश कुमार सिंह ने बताया मरम्मत का काम चल रहा है। सेवता संवाद के अनुसार तमाम गांवों में तार टूटे हुए पड़े है। गर्मी में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। रामपुर मथुरा संवाद के अनुसार करीब 500 गांवों की बिजली सप्लाई ठप चल रही है। अवर अभियंता सुरेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि काफी नुकसान हुआ है।
मानपुर संवाद के अनुसार क्षेत्र में कई बिजली के पोल गिर गए है। कई जगहों पर पेड़ टूटे हुए पड़े है। क्षेत्र में भवानीपुर फीडर व गोवर्धनपुर फीडर की बिजली सप्लाई बंद चल रही है। जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। घरों में लगे समरर्सिबल बिना बिजली के नहीं चल पा रहे हैं। बिसवां संवाद के अनुसार विद्युत खंड अधिकारी विशाल शर्मा का कहना है कि करीब 90 से 100 पोल टूटे है। इनका एस्टीमेट बनाकर भेजा जा रहा है। बिजली कर्मी फॉल्टों को दुरुस्त करने के लिए जुटे हुए है। इस लंबी कटौती से घरों में लगे उपकरण शोपीस बनकर रह गए है। उद्योग धंधे ठप पड़े है। इससे लोगों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
कुटीर उद्योगों को हुआ नुकसान
जिले में आई आंधी से बिजली गुल रही। कुटीर उद्योग के व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। आटा चक्की चलाने वाले सुखदेव ने बताया कि दिनभर बिजली नहीं आई। इसकी वजह से लोगों के गेहूं की पिसाई नहीं हो सकी है। इसी तरह आइसक्रीम का काम करने वाले मोहित ने बताया कि बिना बिजली के आइसक्रीम नहीं बन सकी। इससे तमाम लोग वापस लौट गए। मजदूरों को मजदूरी देनी पड़ी।
चल रहा मरम्मत का काम
आंधी-पानी की वजह से जिले में काफी नुकसान पहुंचा है। विद्युत पोल गिर गए है। कई जगहों पर पेड़ टूटकर लाइनों पर आ गए है। शहर की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। गांवों में मरम्मत का काम चल रहा है।
- नंदलाल, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉर्पोरेशन