रेउसा (सीतापुर)। करीब सात माह बाद गुजरात से कमाकर घर लौट रहे चाचा-भतीजे जहरखुरानी का शिकार हो गए। लखनऊ कैसरबाग बस स्टॉप पर दोनों लोग बेहोशी की हालत में मिले। परिजनों ने लखनऊ पहुुंचकर बेहोशी की हालत में रेउसा सीएचसी में भर्ती कराया। लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर दोनों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। सूचना पुलिस को दी गई है।
थाना थानगांव इलाके के गरसम नसीरपुर सरकार निवासी रमाशंकर निषाद और धर्मवीर चाचा-भतीजे हैं। दोनों लोग सात माह पहले गुजरात कमाने के लिए गए थे, जहां से दोनों लोग ट्रेन में सवार होकर घर वापस आ रहे थे। सोमवार की देर रात ट्रेन के लखनऊ पहुंचने के बाद चाचा-भतीजा बस पकड़ने के लिए लखनऊ कैसरबाग बस स्टॉप पर पहुंचे, जहां वह जहरखुरानी का शिकार हो गए।
जहरखुरानों ने झांसे में लेकर दोनों को नशीला पदार्थ खिलाकर बेेहोश कर दिया। इसके बाद नकदी और मोबाइल, कपड़ा समेत अन्य सामान लेकर मौके से फरार हो गए। इसकी सूचना किसी तरह से दोनों के परिवार को मिली। बेहोशी की हालत में दोनों को लेकर बिसवां सीएचसी पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने इलाज किया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने दोनों को लखनऊ रेफर कर दिया है। दोनों को अभी तक होश नहीं आ सका है। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों की हालत गंभीर है। मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई है।