रामपुर मथुरा क्षेत्र में बह रही सरयू नदी। -संवाद
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू का जलस्तर बुधवार को 20 सेमी बढ़कर 117.30 मीटर पर पहुंच गया। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी 1.70 मीटर नीचे बह रहा है। उधर, गिरिजापुरी बैराजों से बुधवार को 2.07 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो मंगलवार को छोड़े गए पानी की तुलना में 1.04 लाख क्यूसेक ज्यादा है। इससे तटवर्ती गांवों में दहशत बढ़ गई है।
हालांकि पानी अभी नदी के दायरे में है। पहाड़ों पर बारिश और गिरिजापुरी बैराजों से छोड़े जाने वाले लाखों क्यूसेक पानी से हर साल सरयू नदी उफना जाती है। बेकाबू लहरें जब नदी से बाहर निकलती हैं तो तटवर्ती गांवों में तबाही मचाती हैं। बाढ़ व कटान से तराई में बसे 60 से अधिक गांव प्रभावित होते हैं।
इस बार अभी बाढ़ नहीं आई है लेकिन नदी के पानी में उतार-चढ़ाव से लोग भयभीत हैं। पिछले सप्ताह कटान भी शुरू हो गया था। अब कटान थमा है पर खतरा अभी टला नहीं है। सरयू के जलस्तर में मंगलवार को कमी आने से ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली थी। इसी बीच बुधवार को अचानक जलस्तर बढ़ने लगा।
करीब 20 सेमी. की वृद्धि के साथ पानी 1187.30 मीटर पर पहुंच गया। ग्रामीणों के मुताबिक बैराजों से जब कम पानी छोड़ा गया तो जलस्तर 20 सेमी बढ़ गया है। बुधवार को पिछले 24 घंटों की तुलना में दोगुना पानी बैराजों से छोड़ा गया है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश भी रुक-रुककर हो रही है। ऐसे में सरयू का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगा है।