सीतापुर जिले में दिमागी बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। रविवार को दिमागी बुखार की चपेट में आए एक वृद्ध की मौत हो गई। वह बीते छह दिनों से जिला अस्पताल में भर्ती था। इसके अलावा 23 लोग बुखार की चपेट में हैं, जिनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनमें तीन मरीज दिमागी बुखार के बताए जा रहे हैं। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कैंट निकट निवासी गुरुचरन (70) को छह दिनों से बुखार आ रहा था। 21 सितंबर को परिवार के सदस्यों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दिमागी बुखार की पुष्टि की थी। रविवार को गुरुचरन ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डॉक्टरों का कहना है कि गुरुचरन की मौत दिमागी बुखार की वजह से ही हुई है।
इसके अलावा महोली क्षेत्र के ग्राम स्वामी दयालपुर निवासी राजाराम की पुत्री मीना देवी (15), हरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पचेहरा निवासी रामऔतार (67), पिसावां के अमान उल्लापुर निवासी पंकज (24) व इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम परसेहड़ा निवासी कल्लूराम की पुत्री सुमन देवी(15) समेत करीब 23 लोग बुखार की चपेट में हैं।
इन सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भर्ती लोगों में मीना देवी, राम औतार व सुमन देवी में दिमागी बुखार के लक्षण मिले हैं। तीनों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। तीनों को तेज बुखार है।
परिवार का कहना है कि देर रात से ही इन लोगों को तेज बुखार आया है, अस्पताल में भर्ती होने के बाद पता चला है कि उनको दिमागी बुखार है।
उधर, अस्पताल प्रशासन ने बुखार की चपेट में आए लोगों को जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कर रखा है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकांश लोगों को वायरल फीवर है। ये बुखार मौसम के बदलाव के कारण आ रहा है। इलाज किया जा रहा है। जल्द ही सभी की सेहत में सुधार होगा।