सीतापुर। शहर के अंदर दूध डेरियों के संचालन पर नगर पालिका ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अब अगर नगरीय सीमा के अंदर डेरी चलती मिली तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इन डेरियों को नगर पालिका ने चिह्नित कर लिया है। 92 डेरी संचालकों को नोटिस दिया गया है। तीन दिन के अंदर शहर से बाहर जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
शहर के अंदर तमाम दूध डेरी चल रही है। इसकी वजह से सड़कों पर गंदगी फैल रही है। डेरी वाले पशु छुट्टा छोड़ देते है। कई बार इन पशुओं की चपेट में आकर लोग घायल हो चुके है। आसपास के लोगों को गोबर से उठने वाली दुर्गंध परेशान करती है। इस समस्या को लेकर कई बार शहर के बाशिंदें इसकी शिकायत नगर पालिका से कर चुके है।
अब इन दूध डेरियों पर नगर पालिका ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नगर पालिका ने सर्वे कराकर शहर के अंदर 92 दूध डेरियों को चिह्नित किया है। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी है। इन डेरी संचालकों को नगर पालिका की तरफ से नोटिस थमाया गया है। तीन दिन के अंदर उनको नगरीय सीमा के अंदर से हटाने के निर्देश दिए गये है। अगर इसके बावजूद डेरी नहीं हटाते तो इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
पांच हजार का लगेगा जुर्माना
आवारा पशुओं के आतंक को लेकर जिलाधिकारी अनुज सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। ईओ ने बताया कि अब अगर शहर में कोई पशुपालक अपना पशु छुट्टा छोड़ता है तो नगर पालिका उस पशु को पकड़कर गोशाला में बंद करवा देगी। पशुपालक के खिलाफ पांच हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
सड़क की पटरी से 15 मीटर पीछे हटेंगे ठेले
नगर पालिका ने लाल कपड़ा कोठी के पास लगने वाले फल के ठेले वालों को कुछ राहत दी है। इन ठेलों को यहां से हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद यह लोग काफी परेशान थे। व्यापारियों का कहना है कि अगर हम लोगों को यहां से हटाया जाता है तो सही जगह पर बसाया जाए। इन ठेले वालों के कारण आये दिन सड़क पर जाम लगता है। ईओ ने बताया कि अब ये ठेले वाले जिस स्थान पर कारोबार करते है, वह सड़क की पटरी को छोड़कर 15 मीटर पीछे ठेले लगाएंगे। जिससे पटरी खाली होने से जाम की समस्या उत्पन्न नहीं होगी।
शहर के अंदर किसी भी सूरत में डेरियों का संचालन नहीं होगा। 92 संचालकों को नोटिस दिया गया है। पशुपालक अगर अपने पशु को छुट्टा छोड़ते है तो उनके खिलाफ पांच हजार का जुर्माना लगाया जाएगा।
- वैभव त्रिपाठी, ईओ