सीतापुर। प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा के दूसरे दिन रविवार को शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में एक परीक्षार्थी की जगह परीक्षा दे रहा मुन्ना भाई पकड़ा गया। प्रवेश पत्र पर फोटो व डाटा मिलान सीट पर परीक्षार्थी की फोटो से मिलान करने पर मामला पकड़ में आया। इसके बाद सूचना पाकर पहुंची सचल दल की टीम ने आरोपी को पकड़ लिया। उसे पुलिस के हवाले कर दिया। प्रधानाचार्य ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
राजकीय इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में प्रथम पाली की परीक्षा चल रही थी। परीक्षा केंद्र में सीतापुर जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र के दरियापुर निवासी उपेंद्र कुमार सिंह के नाम से जारी प्रवेश पत्र पर अंकित फोटो और परीक्षा देने के लिए मौजूद छात्र के डाटा मिलान सीट की फोटो में भिन्नता पाई गई। इसको लेकर कक्ष संख्या 36 के कक्ष निरीक्षक सुभाष चंद्र राजपूत सहायक अध्यापक बिरला मंदिर इंटर कॉलेज हरगांव, सहायक अध्यापक रोशनी जायसवाल की ओर से इसकी सूचना बीएसए की सचल दल की टीम को दी गई।
सूचना पर पहुंची सचल दल की टीम ने परीक्षा दे रहे युवक से पूछताछ की, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। मामले को केंद्र व्यवस्थापक राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह के संज्ञान में लाया गया। इसके बाद टीजीटी परीक्षा 2021 विषय गणित के लिए चयन बोर्ड की वेबसाइट से मिलान करने पर प्रवेश पत्र और फोटो हस्ताक्षर दोनों में भिन्नता पाई गई।
सूचना शहर कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और मुन्नाभाई को कोतवाली लेकर आई। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपी की पहचान बिजनौर जिले के पृथ्वीपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि वह लखनऊ में कोचिंग संचालन का कार्य करता है। प्रधानाचार्य ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है।
30 हजार में तय हुआ था सौदा
पकड़े गए मुन्ना भाई की शुरुआती जांच में सामने आया है कि धर्मेंद्र कुमार लखनऊ में कोचिंग संचालन करता था। इस कोचिंग में ही उसकी पहचान उपेंद्र से हुई थी। उपेंद्र नौकरी को लेकर बहुत परेशान था। इस पर धर्मेंद्र ने उससे कहा था आप मेरी मदद कीजिए मैं आपको टीजीटी में पास करा दूंगा। सूत्रों का कहना है इस पर धर्मेंद्र ने 30 हजार रुपये की डिमांड रखी। उसके बाद धर्मेंद्र ने एडवांस में उससे पैसे ले लिए। लेकिन शिक्षकों की सजगता के चलते पहले ही पकड़ लिया गया।
प्रवेशपत्र पर की थी छेड़छाड़
जीआईसी प्रधानाचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह का कहना है कि धर्मेंद्र ने दूसरे की जगह पर परीक्षा देने की पूरी प्लानिंग कर ली थी। अधिकतर परीक्षाओं में शिक्षक प्रवेश पत्र व छात्र की शक्ल देखकर ही उसे सही करार दे देते हैं। लेकिन जीआईसी में ऐसा नहीं होता है। जब कक्ष निरीक्षक छात्र के पास डाटा सीट पर हस्ताक्षर कराने पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले प्रवेश पत्र देखा।
उसके बाद आधारकार्ड से मिलान किया, जिसमे सब कुछ ठीक था। लेकिन डाटा सीट से फोटो का जब मिलान किया तो भिन्नता दिखाई दी। इसके बाद पूरा मामला खुल गया। प्रधानाचार्य ने बताया कि धर्मेंद्र ने प्रवेशपत्र पर होशियारी से फोटो संशोधित की थी, जिससे प्रवेश पत्र से मिलान करने पर वह पकड़ा न जा सके।
शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में दूसरे परीक्षार्थी की जगह टीजीटी की परीक्षा दे रहा एक बिजनौर का युवक पकड़ा गया है। आरोपी पुलिस की हिरासत में है। प्रधानाचार्य ने तहरीर दी है। मामले में केस दर्जकर लिया गया है। कार्रवाई की जा रही है।
- टीपी सिंह, शहर कोतवाल