हरगांव क्षेत्र में मृतक डॉक्टर के घर के बाहर तैनात महिला पुलिस कर्मी। (संवाद)
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हरगांव (सीतापुर)। थाना क्षेत्र में मंगलवार को क्लीनिक पर बैठकर मरीजों को देख रहे डॉक्टर की दिनदहाड़े पैैसे के लेनदेन में तलवार से काटकर की गई निर्मम हत्या के दूसरे दिन भी मुद्रासन में दहशत के बीच सन्नाटा कायम रहा। बटों और बूटों की आवाज सन्नाटे को तोड़ रही थी। सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच डॉक्टर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले हत्यारोपी को पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया।
हरगांव इलाके के मुद्रासन गांव निवासी डॉक्टर मुनींद्र प्रताप वर्मा (45) अपने हॉस्पिटल में मंगलवार दोपहर मरीजों को देख रहे थे। इस बीच गांव के निवासी अच्छेलाल ने क्लीनिक पर धावा बोलकर उन पर तलवार से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए थे। हमले में डॉक्टर के एक हाथ का पंजा, दूसरा हाथ कटकर धड़ से अलग हो गया था। गर्दन पर कई वार होने से मौके पर ही मौत हो गई थी।
वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से भाग रहे हत्यारोपी को पुलिस ने लोगों की मदद से आला कत्ल के साथ गिरफ्तार कर लिया था। मृतक की पत्नी की तहरीर पर हत्यारोपी अच्छेलाल पर हत्या का केस दर्ज किया गया था। पिता द्वारा बेची गई जमीन का दो लाख रुपये नहीं मिलने पर अच्छेलाल ने घटना को अंजाम दिया था।
दोनों पक्ष एक ही गांव के निवासी होने की वजह से तनाव था। इसको लेकर गांव में पुलिस लगाई गई थी। गांव में तैनात की गई पुलिस वारदात के दूसरे दिन भी मुस्तैद रही। एसओ हरगांव डीपी शुक्ला ने बताया कि हत्यारोपी अच्छेलाल को बुधवार को जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। गांव में शांति बनी हुई है।
कई थानों की मौजूद रही फोर्स
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को शव घर पहुंच गया था, लेकिन अंत्येष्टि नहीं हो सकी थी। बुधवार की सुबह लहरपुर, हरगांव एसओ और भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। घटना के दूसरे दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा। लोग दहशत में दिखे। कोई भी खुलकर इस हत्याकांड पर कुछ भी नहीं बोल रहा था। बुधवार को भी मृतक के घर से लेकर आरोपी के घर पर पुलिस मुस्तैद रही। मुनींद्र के अस्पताल में ताला लटका रहा।