रेउसा (सीतापुर)। तराई इलाके के लोगों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। नदियों का जलस्तर घट रहा है। इससे गांवों से पानी हटने से लोगों को राहत मिली है। वहीं, संक्रामक रोगों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। 10 गांवों में 100 से अधिक लोग तेज बुखार व जुकाम से पीड़ित हैं। अभी तक गांवों में न तो फागिंग कराई गई और न ही कोई टीमें पहुंची हैं। इससे ग्रामीण झोलाछाप व दुकानों से दवा लेकर इलाज करा रहे हैं।
बिसवां तहसील के दुर्गापुरवा, नया निर्मलपुरवा, दर्जिनरेती, लालापुरवा, गार्गीपुरवा, आशारामपुरवा, जैतहिया, मरेली, श्रीरामपुरवा, म्योढ़ी छोलहा, धूसपुरवा, पासिनपुरवा बाढ़ की चपेट में थे। शारदा व सरयू नदी का पानी अब कम हो गया है। इससे इन गांवों के संपर्क मार्गों व घरों के अंदर से पानी हट गया है। इससे गांव वालों को काफी राहत मिली है। अब उनके सामने बीमारी का संकट खड़ा हो गया है।
गांवों में 100 से अधिक लोग बीमारी की चपेट में आ गए है। किसी को तीन दिन तो किसी को पांच दिन से तेज बुखार आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में अभी तक सीएचसी रेउसा की तरफ से कोई टीम नहीं पहुंची है। न ही फागिंग कराई गई है। रेउसा सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप पांडेय ने बताया कि बाढ़ग्रस्त गांवों में मोबाइल टीमें भेजी जा रही है। फागिंग नहीं हो रही है। जिन गांवों में बुखार की जानकारी मिलती है, वहां पर टीम भेज दी जाती है।
लहरपुर सीएचसी : ओपीडी में 200 से अधिक पहुंचे मरीज
लहरपुर (सीतापुर)। लहरपुर तहसील के नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में वायरल फीवर तेजी से फैल रहा है। एक बुखार के मरीज की गंभीर हालत होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सीएचसी में ओपीडी में रोजाना दो सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं।
लहरपुर तहसील के ग्राम ताहपुर निवासी माधवराम (55) बुखार से कई दिनों से पीड़ित थे। परिजन सीएचसी लेकर आए। वहां पर डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है। तहसील के गांवों व कस्बों में तमाम लोग बुखार से पीड़ित है।
ओपीडी में इस समय 200 से अधिक मरीज रोजाना आ रहे हैं। यह मरीज बुखार व जुकाम से पीड़ित है, इससे ओपीडी में सुबह से ही भीड़ लग जाती है। दोपहर तक इलाज के लिए मरीजों की मारामारी मची रहती है।